पहलगाम हमले की बरसी पर अमेरिका में गूंज: ‘लश्कर-जैश पर सख्त कार्रवाई करे पाकिस्तान’
अमेरिका की राजधानी वॉशिंगटन में भारतीय दूतावास द्वारा आयोजित एक विशेष प्रदर्शनी में आतंकवाद के पीड़ितों को श्रद्धांजलि दी गई, जहां 2025 के पहलगाम आतंकी हमला और 2008 मुंबई हमले को याद किया गया। इस मौके पर अमेरिकी सांसदों ने एकजुट होकर पाकिस्तान से आतंकवादी संगठनों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग उठाई।
अमेरिकी सांसद ब्रैड शर्मन ने कहा कि लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद जैसे आतंकी संगठनों पर सख्ती से नकेल कसना जरूरी है। उन्होंने आरोप लगाया कि पहलगाम हमले के पीछे द रेजिस्टेंस फ्रंट का हाथ था, जिसका संबंध लश्कर-ए-तैयबा से बताया जाता है, और ऐसे संगठनों को पाकिस्तान में पनाह मिलती रही है।
इस प्रदर्शनी का विषय “आतंकवाद की मानवीय कीमत” रखा गया था, जिसमें 1993 के मुंबई बम धमाकों, 2008 के मुंबई हमलों और पहलगाम हमले से जुड़ी तस्वीरें और जानकारियां साझा की गईं। अमेरिका में भारत के राजदूत विनय मोहन क्वात्रा ने कहा कि आतंकवाद मानवता के लिए सबसे बड़ा खतरा है और भारत इसके खिलाफ अपनी लड़ाई में पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
कार्यक्रम में रिपब्लिकन और डेमोक्रेट, दोनों दलों के कई सांसद शामिल हुए। लिसा मैक्लेन ने आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक सहयोग और खुफिया जानकारी साझा करने की जरूरत पर जोर दिया, जबकि रो खन्ना ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को याद करते हुए कहा कि उन्होंने 1990 के दशक में ही इस खतरे को लेकर चेतावनी दी थी।
यह प्रदर्शनी ऐसे समय में आयोजित हुई जब पाकिस्तान खुद को अंतरराष्ट्रीय मंच पर शांति के पक्षधर के रूप में पेश करने की कोशिश कर रहा है। हालांकि, अमेरिकी सांसदों के इस रुख ने साफ संकेत दिया है कि आतंकवाद के मुद्दे पर अब भी सख्त और ठोस कार्रवाई की उम्मीद की जा रही है।
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