मुंडिया जैन में छाया मातम: दंपती-बहू समेत छह लोगों की चिताएं एक साथ जलीं, उमड़ा जनसैलाब
बुधवार सुबह करीब साढ़े पांच बजे पुलिस प्रशासन के अधिकारी सभी छह मजदूरों के शव विशेष वाहन से लेकर मुंडिया जैन गांव पहुंचे। उससे पहले ही मजदूरों के घरों के बाहर भारी भीड़ जमा हो गई थी। हरचरन, उनकी पत्नी सोनवती और बहू रीना के शव घर के आंगन में एक ही लाइन में रखे हुए थे।
बिलारी (आरएनआई) मुंडिया जैन गांव में बुधवार सुबह 10 बजे दंपती, बहू समेत छह लोगों की चिताएं एक साथ जलीं तो हर आंख नम हो गई। इस दौरान बारिश भी हुई लेकिन श्मशान से भीड़ कम नहीं हुई। बड़ी संख्या में लोग अंतिम संस्कार में शामिल हुए।
देहरादून में मंगलवार सुबह बादल फटने से आसन नदी में बाढ़ आ जाने और पानी के तेज बहाव में ट्रैक्टर ट्रॉली में बैठे 14 मजदूर बह गए थे। इनमें मुंडिया जैन गांव निवासी हरचरन, मदन, नरेश, सोमवती, रीना और किरन की मौत हो गई थी जबकि उनके साथ पानी में बहे तीन मजदूर राजकुमार, होराम और संदरी अभी लापता हैं।
बुधवार सुबह करीब साढ़े पांच बजे पुलिस प्रशासन के अधिकारी सभी छह मजदूरों के शव विशेष वाहन से लेकर मुंडिया जैन गांव पहुंचे। उससे पहले ही मजदूरों के घरों के बाहर भारी भीड़ जमा हो गई थी। हरचरन, उनकी पत्नी सोनवती और बहू रीना के शव घर के आंगन में एक ही लाइन में रखे हुए थे। तीनों के शव के पास बैठीं रिश्तेदार महिलाओं के आंसू रुक नहीं पा रहे थे। जैसे ही ग्रामीणों ने शवों के अंतिम संस्कार की तैयारी शुरू की तभी बारिश होने लगी। सबसे पहले ग्रामीण मदन सैनी के शव को लेकर श्मशान की ओर पहुंचे। बाद में रीना और किरन के शव को उनके घर से लेकर श्मशान लाया गया।
मुंडिया जैन की आबादी के बीच में स्थित हरचरन के घर से जब तीनों शव अंतिम संस्कार के लिए एक साथ उठाए गए तब सभी लोगों की आंखें नम हो गईं। हरचरन के बेटे और अन्य रिश्तेदारों को ग्रामीण ढाढ़स बंधाते नजर आए। दस बजे तक श्मशान में सभी छह शव पहुंचाए गए तब चारों तरफ से लोगों की भारी भीड़ पहुंच गई। एक साथ छह चिताएं चलीं तो हर आंख नम हो गईं। लोग मृतकों के परिजनों को शमशान घाट तक सहारा देते नजर आए।
मुंडिया जैन गांव निवासी मजदूर अमरपाल मंगलवार सुबह देहरादून की आसन नदी में आई बाढ़ में ट्रैक्टर-ट्रॉली बह जाने के दौरान घायल हो गया था। अमरपाल समेत उसके गांव मुंडिया जैन के कुल 11 लोग नदी के तेज बहाव में बह गए थे। छह की मौत हो जाने के अलावा तीन बह गए थे और दो पेड़ का सहारा मिल जाने पर बच गए थे। बचे मजदूरों में अमरपाल और अमन शामिल है। इस दौरान अमरपाल को काफी चोटें आई थीं। बुधवार सुबह घायल अमरपाल को उसके परिजन देहरादून से मुंडिया जैन गांव ले आए थे। यहां एसडीएम के निर्देश पर सीएचसी बिलारी के चिकित्साधीक्षक डा. राजपाल सिंह एम्बुलेंस लेकर मुंडिया जैन गांव पहुंचे। यहां से मजदूर अमरपाल को अपने साथ ले जाकर मुरादाबाद के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। सीएमओ और डिप्टी सीएमओ भी मजदूर का हाल लेने अस्पताल पहुंचे।
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