दीक्षा ली, बोले– “जीवन सफल हो गया”, सुबह मलबे में दबकर चली गईं माँ; MP में दर्दनाक हादसे ने तोड़ा परिवार का दिल

Jul 8, 2025 - 16:31
Jul 8, 2025 - 16:33
 0  1.5k

एमपी (आरएनआई) सोमवार को हमने धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री जी से दीक्षा ली। माँ कह रही थीं  ‘अब जीवन सफल हो गया।’ वो बहुत देर तक गुरुजी के दर्शन कर रही थीं, आँखें भर आई थीं उनकी। हम सबने मिलकर धाम की धर्मशाला में 100 रुपए देकर बिस्तर लिया, और वहीं सोने चले गए। मैं माँ के ठीक पास ही सोई थी।"अचानक एक जोर की आवाज आई... सब कुछ हिल गया।"कुछ समझ नहीं आया — चीखें, मलबा, अंधेरा... और माँ... माँ कहीं नहीं दिख रही थीं। हम सब दबे हुए थे, पर माँ सबसे ज्यादा। जब उन्हें बाहर निकाला गया, तब तक... मेरी माँ नहीं रही।"कल तक जो माँ साथ थीं, आज एक तसवीर बनकर रह गई हैं।" उनका चेहरा अब भी मेरी आँखों के सामने है। गुरु जी से दीक्षा लेकर वो कितनी शांत थीं — जैसे उन्हें अब कुछ नहीं चाहिए था। पर हमें तो माँ चाहिए थी…जो अब कभी नहीं लौटेंगी।"

Follow RNI News Channel on WhatsApp: https://whatsapp.com/channel/0029VaBPp7rK5cD6X

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Angry Angry 0
Sad Sad 0
Wow Wow 0