118वीं जयंती पर शहीद राजगुरु को नमन, राष्ट्र रक्षा का लिया संकल्प
हरदोई (आरएनआई) अखिल भारतीय संयुक्त अधिवक्ता परिषद एवं संयुक्त मानवाधिकार परिषद के कार्यकर्ता व पदाधिकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष अधिवक्ता शिव सेवक गुप्त ‘जय शिव’ के नेतृत्व में शहीद उद्यान पहुंचे। यहां उन्होंने भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के अग्रणी क्रांतिकारी शिवराम हरी राजगुरु की 118वीं जयंती पर क्रांति शहीदज्योति स्तंभ पर पुष्प अर्पित कर नमन किया और "वंदे मातरम" तथा "भारत माता की जय" के गगनभेदी नारों के बीच राष्ट्र रक्षा का संकल्प लिया।
राष्ट्रीय अध्यक्ष शिव सेवक गुप्त ने इस अवसर पर कहा कि राजगुरु का जन्म 24 अगस्त 1908 को हुआ था। वे भगत सिंह और सुखदेव के साथ मिलकर अंग्रेजी साम्राज्य को उखाड़ फेंकने के लिए सशस्त्र क्रांति के अग्रणी योद्धा बने। असेंबली में बम फोड़कर उन्होंने साम्राज्य की जड़ें हिला दीं और "इंकलाब जिंदाबाद" के नारे ने युवाओं में देशभक्ति का ज्वार पैदा किया।
उन्होंने कहा कि 23 मार्च 1931 को राजगुरु, भगत सिंह और सुखदेव हंसते-हंसते फांसी के फंदे पर चढ़ गए। उनका बलिदान देश की स्मृतियों में अमर है और उनके पदचिह्नों पर चलना ही सच्ची श्रद्धांजलि है।
कार्यक्रम में वरिष्ठ अधिवक्ता राजीव मिश्रा, कृष्ण कांत मिश्रा, रोहित मिश्रा, संयुक्त मानवाधिकार परिषद के प्रवक्ता डॉ. कपिल चौहान, जिला संगठन मंत्री अधिवक्ता शुभम गुप्ता, निखिल यादव, राहुल वर्मा, राकेश निषाद समेत बड़ी संख्या में कार्यकर्ता व पदाधिकारी शामिल हुए। सभी ने देशभक्ति की भावना के साथ राष्ट्र रक्षा का संकल्प लिया।
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