हरदोई में खाद के लिए सहकारी समितियों से लेकर बाजार तक भटक रहे किसान
प्रशासन के दावे खोखले, किसान निजी दुकानों पर यूरिया 320 से 340 रु में खरीदने को मजबूर।
कछौना, हरदोई (आरएनआई) किसानों की खरीफ फसलों का सीजन चल रहा है। किसानों ने खेतों में धान, मक्का, ज्वार, बाजरा, उड़द, तिल्ली, गन्ना, कपास की बुवाई कर दी है। फसलों के लिए डीएपी व यूरिया खाद की आवश्यकता है। परंतु प्रशासन व खाद विक्रेताओं के गठजोड़ के चलते किसानों को निर्धारित मूल्य डीएपी 1360 व यूरिया 266 रुपए के स्थान पर मार्केट में डीएपी 1650 रुपए व यूरिया 330 रुपए की खरीदने को विवश है। दुकानदार खरीद की रसीद नहीं देते हैं। पूरे मामले की शिकायत भारतीय किसान यूनियन जिला अध्यक्ष राज बहादुर सिंह यादव ने शासन/प्रशासन से की हैं, खरीफ फसल की सीजन चरम पर है। इस समय डीएपी व यूरिया खाद की नियतांक आवश्यकता है। परंतु समय से खाद न मिलने के कारण किसानों की फसल प्रभावित हो रही है। विकासखंड कछौना में साधन सहकारी समिति कछौना पतसेनी, साधन सहकारी समिति बालामऊ, साधन सहकारी समिति पुरवा (मतुआ), साधन सहकारी समिति गौसगंज केवल सक्रिय है। वहीं कछौना पतसेनी, पुरवा में सचिव की तैनाती नहीं है। वही बंद पड़ी समितियां महरी, सुठेना, हथौड़ा राज्य पहावां व खजोहना बंद पड़ी है। जिनको चालू करने के लिए युद्ध स्तर पर अभियान चलाया गया था, किसानों से सदस्यता शुल्क के रूप में लाखों रुपए जमा कराए गए थे, परंतु आज तक क्रियाशील नहीं हो सकीं हैं। वही स्टेशन पर रेलवे क्रॉसिंग के निकट उपभोक्ता संघ में पीसीएफ केंद्र कई वर्षों से बंद चल रहा है। सक्रिय साधन सहकारी समितियों पर खाद गुपचुप तरीके से आवंटन होती है, बड़े काश्तकार व प्रभावशाली किसानों को गुपचुप तरीके से खाद उपलब्ध कराई जाती है। आम किसान मजबूर होकर मार्केट में ऊंची दरों में खाद खरीदने को विवश है। मार्केट में स्थानीय दुकानदार व प्रभावशाली होने के कारण आम किसान शिकायत करने की जहमत नहीं उठाते हैं, क्योंकि किसानों को प्रशासन व खाद विक्रेताओं का गठजोड़ पता है। उर्वरकों की जमकर कालाबाजारी हो रही है। वहीं सरकार किसानों की आय दुगुनी करने का ढ़िढोरा पीट रही है, लेकिन खुले बाजार में बिकने वाली खाद को लेकर किसानों को खाद की गुणवत्ता पर विश्वास नहीं है, क्योंकि प्राइवेट दुकानदार बड़े पैमाने पर मिलावट करने से गुरेज नहीं करते हैं। किसान रमेश कुमार, रामखेलावन कनौजिया, दीनदयाल, अरुण कुमार, ऋषि सिंह, पंकज कुमार, मनोज पाल, हरिनाम, प्रेम कुमार यादव सहित सैकड़ो किसानों ने पूरे मामले की शिकायत भारतीय किसान यूनियन के जिला अध्यक्ष राज बहादुर सिंह यादव से की, उन्होंने किसानों के जालंत मुद्दा को शासन प्रशासन को अवगत कराया है।
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