श्रावण का अंतिम सोमवार आज: उद्यापन के बिना अधूरा रहेगा व्रत, जानें विधि, सामग्री और शुभ उपाय
मथुरा (आरएनआई) सावन का पवित्र महीना 11 जुलाई 2025 को शुरू हुआ था। इसका आखिरी सोमवार 4 अगस्त को पड़ेगा, जबकि 9 अगस्त को सावन का महीना खत्म हो जाएगा। इस दौरान अपने आराध्य की कृपा पाने के लिए और उनको प्रसन्न करने के लिए सोमवार के व्रत कई लोगों ने किए हैं। मगर, क्या आपको पता है कि यदि आपने इन व्रतों को करने के बाद उद्यापन नहीं किया, तो व्रत का पूरा फल आपको नहीं मिलेगा। उद्यापन का मतलब होता है पूर्ण होना। इसलिए किसी भी व्रत के पूरा होने पर जो अंतिम पूजा या अंतिम व्रत किया जाता है, उस दिन उद्यापन करना होता है।
उद्यापन में लगेगी ये सामग्री
सावन के सोमवार के व्रत का उद्यापन करने के लिए आपको कुछ चीजों की जरूरत होगी। इसलिए इन चीजों को पहले से ही बाजार से खरीदकर घर ले आएं। इसके लिए सबसे पहली और जरूरी चीज है शिव-पार्वती जी की प्रतिमा या मूर्ति। इसके अलावा आपको वस्त्र, फल, केले का पत्ता, आम का पत्ता, पान, सफेद मिठाई की जरूरत होगी।पंचामृत बनाने के लिए गाय का कच्चा दूध, दही भी आपको उसी दिन खरीदना पड़ेगा।
वहीं पंचामृत के लिए घी, शहद और शक्कर भी घर में ही होगी। शिव-पार्वती की प्रतिमा को स्थापित करने के लिए लकड़ी की चौकी और साफ-सुथरा लाल कपड़ा आपके घर में ही मिल जाएगा। पूजा के लिए छोटी इलायची, लौंग, कुंकुम, रोली, अक्षत, सुपारी भी घर में ही मिल जाएगी।
उद्यापन की विधि
सुबह स्नान आदि दैनिक कार्यों को करने के बाद साफ और स्वच्छ कपड़े पहनें। इसके बाद गंगा जल से पूजा स्थान को शुद्ध करके चौकी रखें। फिर उस पर लाल कपड़ा बिछाकर शिव-पार्वती की मूर्ति या प्रतिमा स्थापित करें। स्वयं को पवित्र करने के लिए हाथ में जल लेकर इस मंत्र का उच्चारण करें…
‘ॐ पवित्रः अपवित्रो वा सर्वावस्थांगतोऽपिवा। यः स्मरेत् पुण्डरीकाक्षं स वाह्यभ्यन्तर शुचिः॥’
इसके बाद वह जल अपने ऊपर छिड़क लें। फिर एक दीपक और धूप जलाने के बाद शिवजी को चंदन और अक्षत लगाएं। माता पार्वती को रोली लगाएं। इसके बाद फूल-माला, फल, मिठाई, पंचामृत चढ़ाकर उसका भोग लगाएं। साथ ही अन्य साम्रगी भी चढ़ा दें।
इसके बाद शिव चालीसा, शिव पंचाक्षरी मंत्र, महामृत्युंजय मंत्र आदि का जाप करें। अंत में शिव जी की आरती उतारें। इस तरह से आपके व्रत का उद्यापन पूरा हो जाएगा। इसके बाद अपनी क्षमता के अनुसार जरूरतमंद और गरीब लोगों को दक्षिणा या वस्त्र आदि दान करें।
सावन के आखिरी सोमवार जरूर करें ये उपाय
1) सावन के आखिरी सोमवार को रुद्राभिषेक करना से भी भगवान शिव प्रसन्न होते हैं। रुद्राभिषेक कराने से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और ग्रह दोष शांत होते हैं। इसलिए सावन के आखिरी सोमवार को रुद्राभिषेक जरूर कराएं। ऐसा कहा जाता है कि रुद्राभिषेक करने से भगवान शिव अपने भक्तों की मनोकामना जल्द ही पूरी करते हैं।
2) सावन के आखिरी सोमवार 108 बेलपत्र लेकर सफेद चंदन से उनपर ओम नमः शिवाय लिखें और एक एक करके भगवान शिव को अर्पित करें। इसी के साथ शमी के पत्ते लेकर उन पर शहर लगाकर भगवान शिव को अर्पित करें।
3) सावन के आखिरी सोमवार किसी शिव मंदिर में जाकर भगवान शिव की पूरी श्रद्धा के साथ पूजा अर्चना करने के बाद जरुरतमंद लोगों को भोजन कराएं और उन्हें अपने सामर्थ्य के अनुसार दान करें।
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