फर्जी हस्ताक्षर मामले में मुख्तार अंसारी के बेटे उमर अंसारी को हाईकोर्ट से जमानत
माफिया मुख्तार अंसारी के बेटे उमर अंसारी को इलाहाबाद हाईकोर्ट से जमानत मिल गई। कुर्क जमीन को मुक्त कराने के लिए कोर्ट में दाखिल दस्तावेजों पर मां अफ्शां बेगम का फर्जी हस्ताक्षर करने के आरोप में उमर के खिलाफ गाजीपुर के मोहम्मदाबाद थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था।
प्रयागराज (आरएनआई) मुख्तार अंसारी के बेटे उमर अंसारी को इलाहाबाद हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। हाईकोर्ट ने गैंगस्टर एक्ट में जब्त जमीन को छुड़ाने के लिए अपनी मां का फर्जी हस्ताक्षर करने के आरोप में उमर अंसारी की जमानत याचिका मंजूर कर ली है। फर्जी हस्ताक्षर मामले में उमर के खिलाफ गाजीपुर के मोहम्मदाबाद थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था। उमर अंसारी फिलहाल जेल में बंद हैं। जमानत के लिए उन्होंने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। न्यायमूर्ति गौतम चौधरी की एकल पीठ के समक्ष याची उमर की तरफ से अधिवक्ता उपेंद्र उपाध्याय ने पक्ष रखा।
गाजीपुर के मोहम्मदाबाद थाने में उमर पर मुकदमा दर्ज है। आरोप है कि उन्होंने गैंगस्टर एक्ट में जब्त जमीन को कोर्ट से छुड़ाने के लिए फर्जी दस्तावेज और मां के हस्ताक्षर किए हैं। पुलिस ने उमर को लखनऊ से गिरफ्तार किया था। उमर ने जमानत के लिए कोर्ट में अर्जी दाखिल की है। उमर फिलहाल कासगंज की पचलाना जेल में बंद है। 23 अगस्त को उसे गाजीपुर की जेल से कासगंज ले जाया गया था।
कासगंज जेल में बंद उमर अंसारी की जमानत अर्जी को एडीजे प्रथम कोर्ट ने खारिज कर दिया था। इसके खिलाफ उसने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। मां अफ्शा अंसारी का फर्जी हस्ताक्षर कर जालसाजी के मामले में उमर अंसारी को गिरफ्तार किया गया था। 21 अगस्त को गाजीपुर की एडीजे प्रथम कोर्ट ने उमर अंसारी की जमानत अर्जी खारिज कर दी थी। उमर अंसारी के खिलाफ गाजीपुर के मुहम्मदाबाद थाने में 3 अगस्त 2025 को एफआईआर दर्ज कराई गई थी। चार अगस्त को उमर अंसारी को पुलिस ने लखनऊ के दारूलशफा स्थित विधायक निवास से गिरफ्तार किया था।
उमर के खिलाफ थानाध्यक्ष मुहम्मदाबाद ने एफआईआर दर्ज कराई थी। जिस प्रॉपर्टी के लिए फर्जी हस्ताक्षर का आरोप है उसकी कीमत 10 करोड़ से अधिक है। यह प्रॉपर्टी सदर कोतवाली के बल्लभ देवढ़ी दास मोहल्ले में स्थित है। इसके डीएम के आदेश पर 2021 में कुर्क किया गया था। इसी भूमि को रिलीज कराने के लिए कोर्ट में दस्तावेज जमा किए गए थे। जांच में पाया गया कि दस्तावेजों पर जो हस्ताक्षर हैं वह अफ्शां के नहीं हैं। जब्त प्रॉपर्टी मुक्त कराने के लिए उमर अंसारी ने मां आफशां अंसारी के फर्जी हस्ताक्षर से वकालतनामा दाखिल किया गया था, जबकि मां मां आफशां अंसारी फरार हैं। आफशां अंसारी पर 50 हजार का इनाम घोषित है।
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