‘वैश्विक दक्षिण के देश भारत से प्रेरणा लेते हैं’ — विदेश मंत्री जयशंकर ने AI शासन पर दिया दिशा-निर्देश
नई दिल्ली (आरएनआई) विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने मंगलवार को आयोजित ‘ट्रस्ट एंड सेफ्टी इंडिया फेस्टिवल 2025’ में कहा कि भारत पर वैश्विक जिम्मेदारी है, क्योंकि कई विकासशील और वैश्विक दक्षिण के देश हमारी डिजिटल और तकनीकी सफलताओं से प्रेरणा लेते हैं।
जयशंकर ने कहा कि भारत डिजिटल पब्लिक इन्फ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में एक मिसाल बन चुका है, चाहे आधार, यूपीआई या डिजिटल गवर्नेंस की बात हो। उन्होंने कहा कि भारत के प्रयासों ने सतत विकास लक्ष्यों को आगे बढ़ाने और शासन में पारदर्शिता और दक्षता लाने में योगदान दिया है।
विदेश मंत्री ने एआई के सुरक्षित और जिम्मेदार उपयोग के लिए तीन प्रमुख कदम बताए:
स्वदेशी उपकरण और ढांचे तैयार करना
नवाचारों के लिए आत्म-मूल्यांकन प्रणाली बनाना
ठोस दिशा-निर्देश तैयार करना
जयशंकर ने कहा कि AI आने वाले वर्षों में अर्थव्यवस्था, शिक्षा, स्वास्थ्य और जीवनशैली बदल देगा, इसलिए इसके संतुलित और जिम्मेदार नियमन की आवश्यकता है। उन्होंने डिजिटल नागरिकों की सुरक्षा के लिए ‘गार्डरेल्स’ तय करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शब्दों का हवाला देते हुए कहा, “टेक्नोलॉजी तभी भलाई की ताकत बनती है, जब मानवता उसे सही दिशा देती है।”
विशेषज्ञों और नीति निर्माताओं ने इस कार्यक्रम में माना कि भारत न केवल AI में तेजी से आगे बढ़ रहा है, बल्कि विकासशील देशों के लिए नीति मार्गदर्शक बन चुका है। भारत का दृष्टिकोण है: टेक्नोलॉजी सबके लिए, जिम्मेदारी के साथ।
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