विरोध-प्रदर्शनों के बाद नेपाल सरकार का यू-टर्न, सोशल मीडिया बैन हटाया

देश में हुए व्यापक विरोध और हिंसक प्रदर्शन के बाद नेपाल में प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली के नेतृत्व वाली सरकार ने यू-टर्न ले लिया है। देश में भ्रष्टाचार और असमानता के खिलाफ आवाज बुलंद करने वाले युवाओं के आक्रोश और गहराते संकट के बीच सरकार ने देर रात कहा कि सोशल मीडिया पर लगे प्रतिबंध हटा लिए गए हैं। 

Sep 9, 2025 - 10:36
 0  162
विरोध-प्रदर्शनों के बाद नेपाल सरकार का यू-टर्न, सोशल मीडिया बैन हटाया

काठमांडू (आरएनआई) नेपाल सरकार ने हिंसक प्रदर्शनों के बाद सोशल मीडिया पर प्रतिबंध हटाने का एलान किया है। प्रतिबंध हटाने की घोषणा पीएम केपी शर्मा ओली की सरकार में सूचना और प्रसारण मंत्री पृथ्वी सुब्बा गुरूंग ने की। भ्रष्टाचार, असमानता और घोटालों के आरोप लगाते हुए देश की जनता ने संसद तक पहुंच कर अपना आक्रोश व्यक्त किया। युवाओं के गुस्से की आग से संकट को गहराता देख सरकार ने सोमवार देर रात कैबिनेट बैठक बुलाई। बता दें कि नेपाल की पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई झड़पों में 20 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 340 से अधिक घायल भी हुए हैं।

युवाओं के बड़ी संख्या में सड़कों पर उतरने के कारण इसे जेन-जी का आंदोलन कहा जा रहा है। जनाक्रोश के कारण नेपाल सरकार पर संकट गहरा गया है। प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली के इस्तीफे की मांग तेज हो गई है। इस आंदोलन का तात्कालिक कारण भले ही सोशल मीडिया पर पाबंदी बना है, लेकिन इसके मूल में देश में व्याप्त भ्रष्टाचार, भाई-भतीजावाद और असमानता है।

प्रतिबंध हटने के बाद प्रधानमंत्री ने कहा, 'मैं जेन-जी पीढ़ी के विरोध प्रदर्शन के दौरान हुई दुखद घटना से बहुत दुखी हूं। हमें विश्वास था कि हमारे बच्चे शांतिपूर्वक अपनी मांगों को उठाएंगे, लेकिन निहित स्वार्थों के कारण विरोध प्रदर्शन में घुसपैठ हुई। इस कारण उत्पन्न स्थिति के परिणामस्वरूप नागरिकों की जान का दुखद नुकसान हुआ है... सरकार सोशल मीडिया के इस्तेमाल को रोकने के पक्ष में नहीं थी और इसके इस्तेमाल के लिए माहौल सुनिश्चित करेगी।'

उन्होंने कहा, सोशल मीडिया का इस्तेमाल करने के लिए प्रदर्शन करते रहने की कोई जरूरत नहीं थी। बिगड़ते हालात को ऐसे ही जारी नहीं रहने दिया जाएगा... मैं आपको आश्वस्त करना चाहता हूं कि हिंसा और नुकसान, कारणों की जांच और विश्लेषण के लिए एक जांच समिति का गठन किया जाएगा। 15 दिनों के भीतर एक रिपोर्ट प्रस्तुत कर भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने की सिफारिश की जाएगी।

सोमवार देर रात हुई कैबिनेट बैठक के बाद मंत्री पृथ्वी सुब्बा गुरूंग ने कहा कि सरकार को अपने पहले के निर्णय पर खेद नहीं है, लेकिन आंदोलन को देखते हुए प्रतिबंध हटाए जा रहे हैं। नेपाल में सोशल मीडिया के इस्तेमाल का रास्ता दोबारा खोला जा रहा है। उन्होंने 'जेन-ज़ी' (युवाओं के समूह) से आंदोलन खत्म करने की अपील भी की।

गौरतलब है कि पिछले सप्ताह नेपाल सरकार ने फेसबुक, इंस्टाग्राम, व्हाट्सएप, यूट्यूब, स्नैपचैट, पिंटरेस्ट और एक्स (पूर्व ट्विटर) समेत कई प्लेटफॉर्म्स का इस्तेमाल प्रतिबंधित कर दिया था। सरकार ने कहा कि ये कंपनियां नए नियमों के तहत पंजीकरण की समयसीमा का पालन नहीं कर सकीं, इसलिए बैन लगाया जा रहा है। सरकार ने यह भी कहा था कि फर्जी आईडी, नफरत फैलाने वाली सामग्री, धोखाधड़ी और साइबर अपराध रोकने के लिए सोशल मीडिया पर प्रतिबंध लगाना जरूरी है।

प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने देश की संसद में यह मुद्दा उठाए जाने पर कहा था कि 'एक्स' ने नेपाल की संप्रभुता का सम्मान नहीं। अमेरिकी अरबपति एलन मस्क के स्वामित्व वाले इस सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के बारे में नेपाल के प्रधानमंत्री ने कहा कि एक्स ने नेपाल में पंजीकरण से इनकार कर दिया। सरकार बीते डेढ़ साल से सभी सोशल मीडिया कंपनियों से पंजीकरण कराने की अपील कर रही थी, लेकिन ऐसा नहीं कराया गया। नतीजतन सरकार को प्रतिबंध लगाने पड़े।

Follow RNI News Channel on WhatsApp: https://whatsapp.com/channel/0029VaBPp7rK5cD6X

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Angry Angry 0
Sad Sad 0
Wow Wow 0
RNI News Reportage News International (RNI) is India's growing news website which is an digital platform to news, ideas and content based article. Destination where you can catch latest happenings from all over the globe Enhancing the strength of journalism independent and unbiased.