राज्यसभा में जगदीप धनखड़ का जिक्र: सभापति राधाकृष्णन से खरगे की अपील—दोनों पक्षों के साथ इंसाफ करें, जानिए पूरा मामला
नई दिल्ली (आरएनआई)। संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान राज्यसभा में एक बार फिर तीखी नोकझोंक देखने को मिली। उपराष्ट्रपति और राज्यसभा के पूर्व सभापति जगदीप धनखड़ का नाम आने के बाद विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने नए सभापति रधाकृष्णन से अपील की कि वे सदन के संचालन में निष्पक्षता बनाए रखें और दोनों पक्षों के साथ न्याय करें।
सत्र की कार्यवाही के दौरान एक मुद्दे पर सरकार और विपक्ष के बीच बहस तेज हुई। चर्चा के बीच कुछ सदस्यों ने पूर्व सभापति जगदीप धनखड़ के सदन संचालन के तौर-तरीकों का संदर्भ दिया। विपक्ष ने कहा कि पिछले सत्रों में कई बार ऐसी स्थिति पैदा हुई जब विपक्षी सदस्यों को पूरा समय या अवसर नहीं दिया गया। इसी दौरान एलओपी खरगे ने शब्द लिया और कहा कि वे नए सभापति से यह उम्मीद करते हैं कि वे सदन को संतुलित तरीके से चलाएंगे।
खरगे ने रधाकृष्णन से आग्रह किया कि वे पुराने विवादों को पीछे छोड़कर सदन की गरिमा बढ़ाने पर ध्यान दें और यह सुनिश्चित करें कि सत्ता पक्ष और विपक्ष—दोनों को बराबर का अवसर मिले। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सदन बहस और संवाद से चलता है, इसलिए जरूरी है कि हर आवाज को सुने जाने का मौका मिले।
सत्ता पक्ष की ओर से जवाब देते हुए कुछ सांसदों ने कहा कि सरकार सदन में स्वस्थ चर्चा के लिए प्रतिबद्ध है, लेकिन हंगामे और बाधाओं से कार्यवाही प्रभावित होती है। उन्होंने विपक्ष से भी सहयोग की अपील की।
इस तरह जगदीप धनखड़ के संदर्भ ने कुछ देर के लिए सदन में राजनीतिक माहौल को गर्म किया, लेकिन नए सभापति ने सभी पक्षों को शांत रहने और सदन की मर्यादा बनाए रखने की सलाह दी।
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