यमुनोत्री हाईवे पर सिलाई बैंड के पास फटा बादल, कई मजदूर लापता; रेस्क्यू अभियान जारी
यमुनोत्री हाईवे पर देर रात बादल फटने से तबाही मच गई। इस दौरान आठ से नौ मजदूर लापता हो गए हैं।
बड़कोट (आरएनआई) उत्तराखंड में देर रात से तेज बारिश हो रही है। उत्तरकाशी में यमुनोत्री हाईवे पर पालीगाड़ ओजरी डाबरकोट के बीच सिलाई बैंड के पास बादल फटने से तबाही मच गई। इस दौरान यहां होटल निर्माण स्थल तबाह हो गया है, जिससे कई मजदूर लापता हो गए। लापता मजदूरों की तलाश में प्रशासन की टीम और एसडीआरएफ ने रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया है। वहीं, सीएम धामी ने भी अधिकारियों से घटना की जानकारी ली और त्वरित गति से राहत बचाव कार्य करने के निर्देश दिए।
घटना देर रात करीब 12 बजे की है। बड़कोट थानाध्यक्ष दीपक कठेत ने बताया कि यमुनोत्री हाईवे पर बादल फटने की सूचना मिली थी। टीम ने मौके पर पहुंचकर पाया कि यहां सड़क निर्माण व अन्य कार्य में लगे कुछ लोग टेंट लगाकर रह रहे थे। तेज सैलाब आने पर वह बह गए हैं। अभी तक आठ से नौ लोगों के लापता होने की खबर है। उत्तरकाशी डीएम प्रशांत आर्य का कहना है कि टीम ने लापता हुए लोगों की खोजबीन शुरू कर दी है। वहीं, दस अन्य श्रमिकों को रेस्क्यू कर पालीगाड़ लाया गया है। सुरक्षित मजदूरों को पुलिस प्रशासन ने उनके घरों को रवाना कर दिया है। पाली गाड़ चौकी प्रभारी कांतिराम जोशी ने बताया कि 19 मजदूरों में से 10 मजदूरों को पालीगाड पहुंचाया गया इसके अलावा नौ मजदूर लापता हैं। जिनमें पांच नेपाली मूल, तीन देहरादून और एक उत्तर प्रदेश का है। उनकी तलाश की जा रही है।
सीएम पुष्कर सिंह धामी ने बादल फटने की घटना का अधिकारियों से संज्ञान लिया। उन्होंने ट्वीट कर लिखा कि दुखद घटना में कुछ श्रमिकों के लापता होने की सूचना मिली है। एसडीआरएफ, एनडीआरएफ समेत अन्य टीमें घटनास्थल पर पहुंच गई हैं और गहन राहत और बचाव कार्य में लगी हुई हैं। मैं इस मामले को लेकर संबंधित अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में हूं...
आपदा प्रबंधन सचिव विनोद कुमार सुमन ने कहा कि आस-पास के पुलिस और सेना के जवानों ने बचाव कार्य शुरू कर दिया है और एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमों को तैनात किया गया है। 15 लोग बचाव कार्य में लगे हुए हैं और लगभग 45 लोग रास्ते में हैं। यहां मशीनें नहीं पहुंच पा रही हैं और टीमें ही रेस्क्यू में लगी हैं। श्रमिक या तो मलबे में फंसे हुए हैं या चट्टान में या नदी में बह गए हैं। उन्हें ढूंढने का प्रयास जारी है।
बादल फटने के बाद से यमुनोत्री हाईवे सिलाई बैंड समेत कई जगहों पर बंद है। एनएच की टीम रास्ता खोलने के प्रयास में जुटी है। वहीं, ओजरी के पास भी सड़क पूरी तरह से खत्म हो गई है। खेतों में मलबा भर गया है। स्यानाचट्टी में भी कुपड़ा कुंशाला त्रिखिली मोटर पुल खतरे में आ गया है। यमुना नदी का भी जलस्तर बढ़ा हुआ है।
यमुनोत्री हाईवे पर स्थित स्याना चट्टी के पास कुपड़ा कुनसाला मोटर मार्ग पर पुल के पास ऊपर से भारी मलवा बोल्डर आने से यमुना नदी का बहाव थम गया और यहां झील बननी शुरू हो गई। स्थानीय लोगों के साथ यमुना नदी तटवर्ती क्षेत्र में रह रहे लोगों में हड़कंप मचा हुआ है। स्थानीय निवासी जयपाल सिंह रावत ने बताया कि यहां होटल की सीढ़ी तक पानी पहुंच गया है।
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