हरिओम बाल्मीकि प्रकरण: अधिवक्ताओं के प्रतिनिधि मंडल को प्रशासन ने लौटाया बैरंग, न्यायालय का सहारा लेने की तैयारी
फतेहपुर (आरएनआई) रायबरेली में हुए हरिओम बाल्मीकि की नृशंस हत्या में आज उनके परिजनों को विधिक सलाह एवं सहायता हेतु आए कांग्रेस के एक अधिवक्ता प्रतिनिधि मंडल को प्रशासन ने काफी जद्दोजहद के बाद आखिरकार बैरंग लौटना पड़ा।
प्रतिनिधि मंडल में आए नरेश चंद्र त्रिपाठी पूर्व अध्यक्ष बार एसोसिएशन कानपुर, आशिफ रिजवी, जिलाध्यक्ष महेश द्विवेदी आदि द्वारा काफी अनुनय, विनय के बाद भी सफलता न मिलने पर पुलिस उपाधीक्षक गौरव कुमार से काफी नोकझोंक हुई, अंततः अधिवक्ता साथी लौट कर कचेहरी मीटिंग हाल में आगे की रणनीति पर विचार विमर्श किया। पूर्व बार अध्यक्ष कानपुर नरेश चंद्र त्रिपाठी ने कहा कि प्रशासन की हठधर्मिकता एक संशय पैदा करती है इसके लिए हम न्याय का सहारा लेने के लिए बाध्य हैं। जिलाध्यक्ष महेश द्विवेदी ने कहा कि यह समझ से परे है कि आखिर प्रशासन दुखी परिवार को उनके ही घर में बंदी बनाकर क्यों रखा है यह तो आहत परिजनों को और आहत करना है जो सरासर अनुचित है। वहीं प्रतिनिधि मंडल में रहे अधिवक्ता अमानुर रहमान, सदस्य स्क्रीनिंग कमेटी, प्रदेश कांग्रेस ने भी आगे कानूनी कार्यवाही करने की बात कही जिससे सभी अधिवक्ताओं में सहमति बनी। अधिवक्ता प्रतिनिधि मंडल में मुख्य रूप से देव अनामय, योगेंद्र यादव, ध्रुव दीक्षित अधिवक्ता कानपुर, देवेश कुमार श्रीवास्तव, अधिवक्ता कौशांबी, श्रवण गौड़, आशीष गौड़ पूर्व महामंत्री बार एसोसिएशन, अजलाल अहमद फारूकी, महासचिव डिस्ट्रिक बार एसोसिएशन ओम प्रकाश कोरी, हरिओम द्विवेदी अधिवक्ता मौजूद रहे।
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