भूजल रिचार्ज हेतु चेक डैम का निर्माण प्रभावशाली योजना: डीएम

जिला स्तरीय तकनीकी समन्वय समिति व नदी के पुनरोद्धार को लेकर डीएम ने ली बैठक

Tuesday, June 17, 2025 - 19:07
Updated: 1 year ago
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भूजल रिचार्ज हेतु चेक डैम का निर्माण प्रभावशाली योजना: डीएम

फतेहपुर (आरएनआई) वर्षा जल संचयन एवं राज्य भूजल संवर्धन योजना से संबंधित जिला स्तरीय तकनीकी समन्वय समिति एवं विलुप्त प्राय नदी के पुनरोद्धार से संबंधित बैठक कलेक्ट्रेट स्थित महात्मा गांधी सभागार में जिलाधिकारी रविन्द्र सिंह की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। बैठक को संबोधित करते हुए डीएम ने कहा कि जनपद में गिरते भूजल स्तर से सिंचाई, पेयजल, औद्योगिक एवं शहरी आवश्यकताओं की पूर्ति हेतु भूजल संसाधनों पर उत्तरोत्तर बढ़ती निर्भरता के दृष्टिगत इन संसाधनों के विवेकयुक्त उपयोग विनिमित दोहन एवं प्रभावी संरक्षण के उद्देश्य से जनपद में भूजल प्रबंधन वर्ष जल संचयन एवं भूजल रिचार्ज हेतु चेक डैम का निर्माण एक प्रभावशाली योजना के रूप में अभी तक कारगर हुआ है। कृषि प्रधान जनपद है। जहां भूगर्भ जल सम्पदा प्रमुख सिंचाई साधन के रूप में एक विशिष्ट स्थान बना लिया है। इसका आकलन इस तथ्य से होता है कि जनपद में 70 प्रतिशत सिंचित कृषि भूमि भूगर्भ जल पर निर्भर है। भूगर्भ जल संरक्षण एवं रिचार्ज हेतु 13 चेकडैम/चेकडैम कम रपटा, 154 तालाब/झील, 55 एनीकट एवं 81 शासकीय एवं अर्धशासकीय भवनों पर रूफटॉप रेनवाटर हार्वेस्टिंग की स्थापना के प्रस्ताव पर विस्तार से चर्चा किया और संबंधितों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने सहायक अभियंता लघु सिंचाई को निर्देशित किया कि जो प्रस्ताव की सूची है, उपजिलाधिकारियों और संबंधित विभागो को उपलब्ध कराए। उन्होंने कहा कि प्रस्ताव में क्रिटिकल एवं सेमी क्रिटिकल विकास खण्डों को प्राथमिकता के आधार पर उक्त कार्यों को लिया जाय। उन्होंने उपजिलाधिकारियों को निर्देशित किया कि जो कार्य प्रस्ताव में लिए गए है उनका सर्वे करा लिया जाय और कितना क्षेत्रफल लाभान्वित होगा। उन्होंने उप जिलाधिकारियों व खंड विकास अधिकारियों से कहा कि अपने-अपने तहसील व विकास खंड क्षेत्रों की प्रमुख नदियों का सर्वे करा ले, जिनका पुनरोद्धार की आवश्यकता है और इनसे कितने ग्राम पंचायतें लाभान्वित होंगी, कितना क्षेत्र है और वर्तमान में नदी का स्वरूप क्या है, कि स्थिति से अवगत कराएं। साथ ही ग्राम पंचायतों के नागरिकों से भी इसका फीडबैक लेते हुए विस्तृत कार्ययोजना तैयार करे। उन्होंने प्रभागीय वनाधिकारी को निर्देशित किया कि आगामी वर्षाकाल में पौधारोपण की कार्य योजना बना लें। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी पवन कुमार मीना, जिला विकास अधिकारी प्रमोद सिंह चंद्रौल, परियोजना निदेशक डीआरडीए शेषमणि सिंह, डीसी मनरेगा अशोक कुमार, अधिशाषी अभियंता सिंचाई, नहर, उप कृषि निदेशक, सहायक अभियंता लघु सिंचाई समस्त खंड विकास अधिकारी सहित संबंधित अधिकारी व समस्त उप जिलाधिकारी जूम के माध्यम से जुड़े रहे।

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