ठाणे हत्या केस में दो आरोपी बरी, कोर्ट ने कहा- सबूतों की कड़ियां मजबूत नहीं
मुंबई (आरएनआई)। ठाणे की एक अदालत ने 2023 में हुई हत्या के मामले में दो आरोपियों को बरी कर दिया है। प्रमुख जिला एवं सत्र न्यायाधीश एस.बी. अग्रवाल ने अपने फैसले में कहा कि मृतक की मौत हत्या का मामला है, लेकिन अभियोजन पक्ष आरोपियों की संलिप्तता संदेह से परे साबित नहीं कर सका।
अदालत ने क्या कहा?
जज ने फैसले में बताया कि केस में पेश किए गए सांयोगिक सबूत आपस में जुड़कर एक मजबूत चेन नहीं बनाते। कोर्ट ने ये प्रमुख खामियां गिनाईं: CCTV फुटेज केवल आरोपियों की मौजूदगी दिखाता है, घटना नहीं। एक मुख्य गवाह का बयान घटना के नौ दिन बाद दर्ज किया गया, देरी का कोई कारण नहीं बताया गया। चॉपर और हथौड़ा खरीदने से जुड़े सबूत अविश्वसनीय पाए गए। हथियारों और कपड़ों पर मिले खून के सैंपल की रिपोर्ट निर्णायक नहीं थी।
इन सब वजहों से अदालत ने कहा कि अभियोजन पक्ष आरोप साबित करने में नाकाम रहा और दोनों आरोपियों को बरी कर दिया।
मामला क्या था?
28 फरवरी 2023 को ठाणे के जांभली नाका इलाके में रविंद्र पडसे की हत्या कर दी गई थी। आरोप था कि सड़क के ठेले को लेकर विवाद के बाद धुरुपचंद उर्फ ध्रुव विश्वनाथ पटवा (35) और अशरफ हज़्रत अली ने चॉपर और लोहे के हथौड़े से हमला किया।
रविंद्र को गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी मौत हो गई। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ IPC की धारा 302, 34, आर्म्स एक्ट और महाराष्ट्र पुलिस एक्ट के तहत केस दर्ज किया था।
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