गाजा पर कब्जे से इनकार, हमास से मुक्ति का संकल्प: सुरक्षा परिषद की आलोचना पर बोले नेतन्याहू
हाल ही में इस्राइली सुरक्षा परिषद ने गाजा पर कब्जे को मंजूरी दी थी। लोगों ने सुरक्षा परिषद के फैसले का विरोध किया था। बंधकों के परिजनों को डर है कि लड़ाई तेज होने से वे अपने प्रियजनों को हमेशा के लिए खो देंगे। इसे लेकर नेतन्याहू ने कहा किहम गाजा पर कब्जा नहीं करेंगे। बल्कि उसे हमास से आजाद कराएंगे।
तेल अवीव (आरएनआई) इस्राइल सुरक्षा परिषद के गाजा पर कब्जा करने के फैसले की आलोचना को लेकर इस्राइली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने जवाब दिया है। नेतन्याहू ने कहा कि हम गाजा पर कब्जा नहीं करेंगे। बल्कि उसे हमास से आजाद कराएंगे। उन्होंने कहा कि क्षेत्र का विसैन्यीकरण और एक शांतिपूर्ण नागरिक प्रशासन की स्थापना से हमारे बंधकों को मुक्त कराने में मदद मिलेगी। साथ ही भविष्य के खतरों को रोका जा सकेगा।
हाल ही में इस्राइली सुरक्षा परिषद ने गाजा पर कब्जे को मंजूरी दी थी। लोगों ने सुरक्षा परिषद के फैसले का विरोध किया था। बंधकों के परिजनों को डर है कि लड़ाई तेज होने से वे अपने प्रियजनों को हमेशा के लिए खो देंगे। कई पूर्व शीर्ष सैन्य अधिकारियों ने भी सरकार के कदम की आलोचना की है और साथ ही चेतावनी दी कि इससे सैन्य लाभ बहुत कम होगा, लेकिन इससे इस्राइल लंबे समय के लिए युद्ध की दलदल में फंस सकता है।
इसे लेकर नेतन्याहू ने कहा कि कैबिनेट ने पांच सिद्धांतों को अपनाया है। इसमें गाजा का विसैन्यीकरण और एक वैकल्पिक नागरिक प्रशासन की स्थापना शामिल है जो न तो हमास है और न ही फलस्तीनी प्राधिकरण है। इस्राइल के प्रधानमंत्री की यह टिप्पणी उस समय आई है, जब गाजा में मानवीय संकट को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उनकी सरकार की भारी आलोचना हो रही है। पिछले 22 महीनों में इस्राइली सैन्य हमलों में करीब 60,000 लोग मारे गए हैं। इस्राइल ने यह युद्ध सात अक्तूबर 2023 को हमास के हमले के बाद शुरू किया था, जिसमें लगभग 1,200 लोग मारे गए थे और 251 लोगों को बंधक बना लिया गया था।
एक हालिया इंटरव्यू में इस्राइली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने गाजा पर कब्जे की बात कही थी और कहा था कि वे गाजा से हमास के पूरी तरह से हटाकर वहां के लोगों को आजादी देंगे। नेतन्याहू ने कहा कि हम गाजा पर नियंत्रण नहीं करना चाहते और हम इसे अरब सहयोगियों को सौंप देंगे ताकि वे वहां प्रशासन चला सकें, जिससे गाजा के लोगों का जीवन बेहतर हो और हमारी सुरक्षा के लिए भी खतरा न रहे।
इस्राइली सेना के प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल इयाल जामिर ने भी प्रधानमंत्री के फैसले का विरोध किया है और चेताया कि इससे बंधकों का जीवन खतरे में पड़ जाएगा। गाजा में ऑपरेशन के चलते पहले ही इस्राइल वैश्विक तौर पर विभिन्न देशों के निशाने पर है और अगर इस्राइली सरकार गाजा में अपना ऑपरेशन जारी रखती है और गाजा पर पूरी तरह से नियंत्रण स्थापित करती है तो इससे इस्राइल के वैश्विक तौर पर अलग-थलग पड़ने की भी आशंका है।
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