'हमारी सेना तय करेगी, हमला कब और कैसे करना है', अमेरिकी कार्रवाई पर ईरान की धमकी
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अब अमेरिका के साथ किसी भी बातचीत से इनकार कर दिया है। अराघची ने कहा कि हम कूटनीतिक तरीके से मामले को सुलझाने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन बीच में ही इस्राइल ने हमला करके उस बातचीत की कोशिश को खत्म कर दिया।
तेहरान (आरएनआई) ईरान ने कहा है कि अमेरिका ने उन पर हमला करके कूटनीति को तबाह करने का फैसला किया है और अब ईरानी सेना तय करेगी कि कब और कैसे जवाब देना है। ईरान के संयुक्त राष्ट्र में राजदूत आमिर सईद इरवानी ने रविवार को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की आपात बैठक में कहा कि ईरान के परमाणु केंद्रों पर अमेरिकी हमले की आलोचना करते हुए ईरानी राजदूत ने कहा कि 'हमने बार-बार युद्ध उन्मादी अमेरिका को चेतावनी दी थी कि वे इस दलदल में न फंसें। हालांकि अमेरिका ने ईरान पर हमला कर कूटनीति को तबाह करने का फैसला किया और अब ईरानी सेना तय करेगी कि कब और कैसे जवाब देना है। हम सभी जरूरी कदम उठाएंगे।'
ईरान ने इस्राइली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू पर निशाना साधते हुए कहा कि 'नेतन्याहू अमेरिका की विदेश नीति का अपहरण करने में सफल रहे और उन्होंने अमेरिका को एक और महंगे और निराधार युद्ध में फंसा दिया है।' ईरान ने कहा कि अमेरिका ने अंतरराष्ट्रीय कानून का खुला उल्लंघन किया है। उन्होंने कहा कि इस हालात से क्या निष्कर्ष निकाला जा सकता है? पश्चिमी देशों के हिसाब से ईरान को आत्मसमर्पण कर देना चाहिए और बातचीत की मेज पर आना चाहिए, लेकिन ईरान वापस कैसे आ सकता है, जब उसने कभी बातचीत का रास्ता छोड़ा ही नहीं।
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अब अमेरिका के साथ किसी भी बातचीत से इनकार कर दिया है। अराघची ने कहा कि हम कूटनीतिक तरीके से मामले को सुलझाने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन बीच में ही इस्राइल ने हमला करके उस बातचीत की कोशिश को खत्म कर दिया। ईरानी विदेश मंत्री ने ये भी कहा कि वे जिनेवा में यूरोपीय देशों के साथ कूटनीतिक स्तर पर बातचीतहो रही थी, लेकिन इसके बीच ही अमेरिका ने हमला करके इसे भी खत्म कर दिया। ईरानी विदेश मंत्री ने कहा कि 'ईरान ने नहीं अमेरिका ने बातचीत खत्म की है और उन्होंने धोखा दिया है। उन्होंने साबित किया है कि वे कूटनीति की भाषा नहीं समझते और सिर्फ धमकी और ताकत की भाषा ही जानते हैं।'
राष्ट्रपति ट्रंप ने दावा किया है कि अमेरिकी हमलों में ईरान के परमाणु केंद्रों को भारी नुकसान हुआ है। ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर साझा एक पोस्ट में लिखा कि 'जमीन के भीतर सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है।' हालांकि ट्रंप ने भले ही दावा किया है लेकिन अमेरिका अभी हमले में हुए नुकसान की समीक्षा कर रहा है। वहीं ईरान की तरफ से भी इसे लेकर कोई बयान जारी नहीं किया गया है।
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