ट्रंप की नई रक्षा रणनीति: सहयोगियों को खुद संभालनी होगी सुरक्षा, चीन-रूस पर बदला अमेरिकी रुख
वॉशिंगटन (आरएनआई) अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने नई राष्ट्रीय रक्षा रणनीति जारी करते हुए वैश्विक सुरक्षा ढांचे को लेकर बड़ा संकेत दिया है। 34 पन्नों के इस दस्तावेज में अमेरिका ने स्पष्ट किया है कि अब नाटो सहित उसके पारंपरिक सहयोगी देशों को अपनी सुरक्षा की जिम्मेदारी स्वयं अधिक मजबूती से संभालनी होगी। इस रणनीति को 2022 के बाद पहली बार जारी किया गया है और इसे केवल सैन्य नीति नहीं, बल्कि व्यापक राजनीतिक दृष्टिकोण में बदलाव के रूप में भी देखा जा रहा है।
पेंटागन द्वारा जारी इस दस्तावेज में यूरोप से लेकर एशिया तक के सहयोगी देशों की रक्षा तैयारियों पर सवाल उठाए गए हैं। इसमें कहा गया है कि लंबे समय तक कई साझेदार देश अपनी सुरक्षा के लिए अमेरिकी नेतृत्व पर निर्भर रहे, लेकिन बदलते वैश्विक हालात में अब यह व्यवस्था व्यावहारिक नहीं रह गई है। रणनीति में संकेत दिया गया है कि रूस, उत्तर कोरिया और अन्य उभरते खतरों से निपटने का बोझ अब अधिक संतुलित तरीके से बांटा जाएगा।
यह नीति ऐसे समय सामने आई है जब ट्रंप प्रशासन और यूरोपीय सहयोगियों के बीच संबंधों में तनाव की स्थिति बनी हुई है। दस्तावेज में रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ के नेतृत्व वाले रक्षा मंत्रालय ने ग्रीनलैंड और पनामा नहर जैसे सामरिक रूप से महत्वपूर्ण क्षेत्रों में अमेरिका की सैन्य और व्यावसायिक पहुंच सुनिश्चित करने के विश्वसनीय विकल्प तैयार करने की आवश्यकता भी जताई है। इससे स्पष्ट होता है कि अमेरिका अपनी वैश्विक रणनीतिक उपस्थिति को नए सिरे से परिभाषित कर रहा है।
चीन को लेकर दस्तावेज का रुख संतुलित दिखाई देता है। इसमें कहा गया है कि नई रक्षा नीति का उद्देश्य चीन पर प्रभुत्व स्थापित करना या उसे अपमानित करना नहीं है, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि वह अमेरिका और उसके सहयोगियों पर हावी न हो सके। हालांकि, इस बार की रणनीति में ताइवान का स्पष्ट उल्लेख नहीं किया गया है, जबकि 2022 की रणनीति में ताइवान की आत्मरक्षा के समर्थन का उल्लेख था। इस बदलाव को भी अंतरराष्ट्रीय विश्लेषक गंभीरता से देख रहे हैं।
यूरोप के संदर्भ में दस्तावेज में कहा गया है कि रूस अब भी नाटो के पूर्वी सदस्य देशों के लिए बड़ा खतरा बना रहेगा, लेकिन यूरोपीय सहयोगी अपनी पारंपरिक रक्षा की जिम्मेदारी संभालने में सक्षम हैं। उल्लेखनीय है कि अमेरिका पहले ही यूक्रेन सीमा के पास नाटो क्षेत्रों में तैनात अपने सैनिकों की संख्या कम करने की पुष्टि कर चुका है, जिससे यह संकेत और मजबूत होता है कि अमेरिका अपनी सैन्य प्राथमिकताओं का पुनर्संतुलन कर रहा है।
इसी बीच राष्ट्रपति ट्रंप ने व्यापार मोर्चे पर भी सख्त रुख दिखाया है। उन्होंने कनाडा को चेतावनी दी है कि यदि उसने चीन के साथ कोई नया व्यापार समझौता किया तो अमेरिका सभी कनाडाई वस्तुओं पर तुरंत 100 प्रतिशत टैरिफ लगा सकता है। कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कॉर्नी को संबोधित इस बयान को ट्रंप प्रशासन की आक्रामक आर्थिक नीति का संकेत माना जा रहा है, जो सुरक्षा और व्यापार—दोनों क्षेत्रों में “अमेरिका फर्स्ट” दृष्टिकोण को आगे बढ़ा रही है।
Follow RNI News Channel on WhatsApp: https://whatsapp.com/channel/0029VaBPp7rK5cD6X
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Angry
0
Sad
0
Wow
0



