सतारा आत्महत्या कांड में नया मोड़: महिला डॉक्टर पर फर्जी पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट देने का दबाव, सुसाइड नोट में किए चौंकाने वाले खुलासे
सतारा (आरएनआई)। महाराष्ट्र के सतारा में महिला डॉक्टर की आत्महत्या के मामले ने अब नया मोड़ ले लिया है। इस पूरे प्रकरण में अब यह आरोप सामने आया है कि आत्महत्या करने वाली डॉक्टर पर फर्जी पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट तैयार करने का भारी दबाव था। यही नहीं, डॉक्टर ने अपने सुसाइड नोट में भी इस दबाव और उत्पीड़न का जिक्र किया है।
दरअसल, डॉक्टर की पोस्टिंग पोस्टमॉर्टम विभाग में थी, और वह खुद कई मामलों की मेडिकल रिपोर्ट तैयार करने की जिम्मेदारी संभाल रही थीं। इसी बीच एक महिला ने सनसनीखेज दावा करते हुए कहा है कि डॉक्टर ने उसकी बेटी की मौत के मामले में फर्जी रिपोर्ट तैयार की थी।
मां का आरोप: मेरी बेटी की हत्या को आत्महत्या बताया गया
सतारा की रहने वाली भाग्यश्री मारूती पचांग्ने ने दावा किया है कि उनकी बेटी दीपाली पचांग्ने की मौत प्राकृतिक नहीं थी, बल्कि हत्या की गई थी। उन्होंने बताया कि दीपाली की शादी आर्मी अफसर अजिंक्य निंबालकर से हुई थी, और वह छह माह की गर्भवती थी। दीपाली की एक डेढ़ साल की बेटी भी थी।
भाग्यश्री ने कहा, “मेरी बेटी खुश थी, वह कभी अपनी बच्ची और अजन्मे बच्चे को छोड़कर आत्महत्या नहीं कर सकती। उसकी हत्या की गई और इस साजिश को छिपाने के लिए फर्जी पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट तैयार की गई।”
उन्होंने आरोप लगाया कि उनके दामाद अजिंक्य निंबालकर ने अपने राजनीतिक और पुलिस अधिकारियों से संबंधों का इस्तेमाल कर मामले को दबा दिया।
सुसाइड नोट में ‘सिस्टम’ पर बड़े आरोप
महिला डॉक्टर द्वारा छोड़े गए सुसाइड नोट में कई गंभीर खुलासे हुए हैं।
डॉक्टर ने लिखा कि उस पर सब-इंस्पेक्टर गोपाल बदाने द्वारा शारीरिक शोषण, जबकि प्रशांत बांकर नाम के युवक द्वारा मानसिक उत्पीड़न किया जा रहा था।
साथ ही उसने एक पूर्व सांसद का भी नाम लिया, जिसके बारे में दावा किया गया कि वह उस पर मेडिकल रिपोर्ट में हेरफेर करने के लिए दबाव डाल रहा था।
सूत्रों के अनुसार, डॉक्टर इस दबाव और लगातार हो रहे उत्पीड़न से मानसिक रूप से टूट चुकी थी। आखिरकार, उसने सतारा के एक होटल में आत्महत्या कर ली।
पुलिस ने की कार्रवाई, एक गिरफ्तार – एक ने किया आत्मसमर्पण
पुलिस ने इस मामले में तेजी दिखाते हुए प्रशांत बांकर को गिरफ्तार कर लिया है।
वहीं, दूसरा आरोपी सब-इंस्पेक्टर गोपाल बदाने ने आत्मसमर्पण कर दिया, जिसके बाद उसे भी हिरासत में लिया गया है।
सतारा पुलिस अब डॉक्टर की सुसाइड नोट और पुराने मामलों की फोरेंसिक जांच कर रही है ताकि पता लगाया जा सके कि उस पर फर्जी रिपोर्ट तैयार कराने का दबाव किन परिस्थितियों में बनाया गया।
जनता और डॉक्टर समुदाय में आक्रोश
इस पूरे मामले ने महाराष्ट्र के मेडिकल समुदाय और आम जनता में आक्रोश पैदा कर दिया है। डॉक्टरों के संगठनों ने राज्य सरकार से निष्पक्ष जांच और डॉक्टरों की सुरक्षा को लेकर ठोस कदम उठाने की मांग की है।
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