'वकीलों से अत्यधिक नामांकन फीस लेना उनके अधिकारों का उल्लंघन', सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी

शीर्ष अदालत ने कहा कि किसी व्यक्ति की गरिमा में उसकी क्षमता को पूरी तरह से विकसित करने का अधिकार शामिल है। किसी पेशे को अपनाने का अधिकार व्यक्ति की पसंद और कमाई है। साथ ही आजीविका का अधिकार व्यक्ति की गरिमा का अभिन्न अंग है।

Jul 31, 2024 - 05:00
 0  918
'वकीलों से अत्यधिक नामांकन फीस लेना उनके अधिकारों का उल्लंघन', सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी

नई दिल्ली (आरएनआई) सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि राज्य बार काउंसिल की ली जाने वाली अत्यधिक नामांकन फीस महत्वाकांक्षी वकील के पेशे को चुनने और गरिमा के अधिकार का उल्लंघन करती है। शीर्ष अदालत ने कहा कि हाशिये पर रह रहे वकीलों को भारी नामांकन फीस का भुगतान करने के लिए मजबूर करना समानता के सिद्धांतों पर प्रहार है।

सीजेआई जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस मनोज मिश्रा की पीठ ने फैसले में कहा, सामान्य श्रेणी के वकीलों के लिए नामांकन शुल्क 750 रुपये और एससी/एसटी श्रेणियों के वकीलों के लिए 125 रुपये से अधिक नहीं हो सकता। शीर्ष अदालत ने संविधान के अनुच्छेद 19(1)(जी) के तहत पेशे के अधिकार और अनुच्छेद 21 के तहत सम्मान के अधिकार व अनुच्छेद 14 के तहत समानता के अधिकार को कैसे प्रभावित करता है, के बीच संबंध पर गौर किया। 

पीठ ने कहा, समग्र समानता के लिए गरिमा महत्वपूर्ण है। किसी व्यक्ति की गरिमा में उसकी क्षमता को पूरी तरह से विकसित करने का अधिकार शामिल है। किसी पेशे को अपनाने का अधिकार व्यक्ति की पसंद और कमाई है। साथ ही आजीविका का अधिकार व्यक्ति की गरिमा का अभिन्न अंग है। नामांकन के लिए एक पूर्व शर्त के रूप में अत्यधिक नामांकन शुल्क और विविध शुल्क वसूलना कानूनी पेशे में प्रवेश में बाधा उत्पन्न करता है। 

Follow RNI News Channel on WhatsApp: https://whatsapp.com/channel/0029VaBPp7rK5cD6XB2

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Angry Angry 0
Sad Sad 0
Wow Wow 0
RNI News Reportage News International (RNI) is India's growing news website which is an digital platform to news, ideas and content based article. Destination where you can catch latest happenings from all over the globe Enhancing the strength of journalism independent and unbiased.