फर्जी कंपनियों और हवाला ट्रांजैक्शन का जाल उजागर, बहराइच के मोईन खान पर IT की बड़ी कार्रवाई
पीलीभीत से मिले दस्तावेजों ने खोला मथुरा लिंक
मथुरा (आरएनआई) नेपाल बॉर्डर से जुड़े अवैध हवाला नेटवर्क और तेजी से बढ़े रियल एस्टेट कारोबार की कड़ियों की जांच अब मथुरा तक पहुंच गई है। बहराइच के रियल एस्टेट कारोबारी अब्दुल रहमान खान उर्फ मोईन खान के खिलाफ शुरू हुई बड़ी आयकर जांच में मथुरा को महत्वपूर्ण लिंक माना जा रहा है। जांच में बोगस कंपनियों, हवाला ट्रांजैक्शन, करोड़ों की बेनामी संपत्तियों और संदिग्ध दस्तावेजों का भंडार सामने आया है। आयकर विभाग ने बहराइच, आगरा और बरेली मंडल के कुल 12 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की, जिनमें मथुरा के ठिकाने भी शामिल रहे।
सूत्रों के अनुसार मोईन खान के जिन प्रोजेक्टों, कंपनियों और साथियों पर कार्रवाई की गई, उनमें कुछ लेन-देन और गतिविधियां मथुरा में सक्रिय नेटवर्क से जुड़ी मिलने की आशंका जताई जा रही है।
जांच में यह खुलासा हुआ कि प्लास्टिक कारोबार की नगीन मोल्डिंग कंपनी सिर्फ दिखावे के लिए चलाई जा रही थी। वहीं रियल एस्टेट की नगीन इंफ्रा हाइट्स और पिन क्रास समेत कई बोगस कंपनियां चलाई जा रही थीं। इनसे करोड़ों की बेनामी जमीनें, आलीशान मकान, घर में मर्सिडीज कारें और महत्वपूर्ण दस्तावेजों का बड़ा जखीरा सामने आया है। अधिकारियों ने मोईन के कई साथियों और बिजनेस पार्टनर्स से देर रात तक पूछताछ की है। मोईन के बहराइच स्थित बंजारी मोड़ वाले घर, उसके चार अन्य स्थानीय ठिकानों, आगरा- मथुरा के ठिकानों और बरेली मंडल में मौजूद उसके करीबियों के ठिकानों पर दिनभर छापेमारी जारी रखी। खुफिया एजेंसियों को संदेह है कि नेपाल सीमा के रास्ते अवैध गतिविधियों, हवाला रकम की आवाजाही और फर्जी रियल एस्टेट प्रोजेक्टों के जरिए काले धन को सफेद करने का खेल चल रहा था।
आयकर की छापेमारी में रियल एस्टेट और सप्लाई चेन से जुड़े दस्तावेजों की गहन जांच की गई। कई स्थानों से जमीनों, नकदी, फर्जी कंपनियों से जुड़े पेपर और प्रॉपर्टी रिकॉर्ड बरामद होने की जानकारी है। मोईन खान के खिलाफ जांच इसलिए भी तेज हुई क्योंकि पिछले 5-6 वर्षों में उसकी संपत्ति असामान्य रूप से बढ़ी हैं। इस दौरान आलीशान बंगला, लग्जरी कारें, करोड़ों की जमीनें और कई बोगस रियल एस्टेट फर्मे खड़ी कर दी गईं। विभाग को आशंका है कि इन कंपनियों का इस्तेमाल हवाला के पैसे को खपाने में किया गया, जिसमें मथुरा और आगरा के नेटवर्क की भी भूमिका हो सकती है। विभाग यह पता लगा रहा है कि क्या मोईन की कंपनियों का उपयोग सीमा पार लेन-देन या अवैध धन प्रवाह में किया गया। बरेली मंडल के पीलीभीत जिले में नेपाल सीमा कनेक्शन सामने आने के बाद जांच का दायरा और बढ़ाया गया है। वहां से मिले दस्तावेजों में मथुरा से जुड़े संपक और लेन-देन भी चिन्हित किए गए, जिसके बाद मथुरा में छापेमारी की पुष्टि हुई। जब इस संबंध में मथुरा के उच्च पुलिस अधिकारियों से जानकारी लेनी चाही गई तो उन्होंने कुछ भी बताने से इंकार कर दिया।
आशंका जताई जा रही है कि जांच के दायरे में स्थानीय स्तर पर कुछ कारोबारी और सप्लाई चेन से जुड़े लोग भी आ सकते हैं। छापेमारी ने रियल एस्टेट और सप्लाई कारोबार से जुड़े कई लोगों में बेचैनी बढ़ा दी है। फिलहाल आयकर विभाग दस्तावेजों की स्कैनिंग में जुटा है, लेकिन यह स्पष्ट जरूर हो रहा है कि कि नेपाल सीमा से संचालित होते इस संदिग्ध नेटवर्क की महत्वपूर्ण कड़ियां मथुरा तक जुड़ी हुई हैं।
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