गुनिया नदी सौंदर्यीकरण: कलेक्टर की अध्यक्षता में बैठक, एचएफएल पॉइंट पर पिलर, 30 मीटर दायरे में निर्माण पर रोक, ‘नमामि गंगे’ से जोड़े जाने की तैयारी
गुना (आरएनआई) आज गुनिया नदी की कार्य प्रगति को लेकर महत्वपूर्ण बैठक कलेक्टर की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में विधायक गुना पन्नालाल शाक्य, भाजपा जिलाध्यक्ष धर्मेन्द्र सिकरवार, नगरपालिका अध्यक्ष श्रीमति सविता गुप्ता, उपाध्यक्ष धरम सोनी, विकास जैन सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण एवं पुलिस अधीक्षक अंकित सोनी, डीएफओ अक्षय राठौर, अपर कलेक्टर अखिलेश जैन, एसडीएम गुना श्रीमति शिवानी पाण्डेय, सीएमओ सुश्री मंजुषा खत्री सहित विभिन्न अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।
बैठक की शुरुआत में गुनिया नदी के कार्य शुरू होने से पूर्व का ड्रोन वीडियो प्रदर्शित किया गया। इसके साथ ही वर्तमान स्थिति का भी ड्रोन वीडियो दिखाया गया। इसके बाद पीपीटी के माध्यम से क्रमबद्ध तरीके से अभियान की शुरुआत से लेकर अब तक की कार्य प्रगति की जानकारी दी गई।
कलेक्टर ने बैठक में बताया यह अभियान लगातार चलता रहेगा और चरणबद्ध तरीके से श्रमदान की कार्ययोजना पर काम किया जा रहा है। इसमें प्रशासनिक टीम, पुलिस टीम, डॉक्टर टीम, मीडिया कर्मी एवं अन्य समूह के लिए श्रमदान की कार्ययोजना बनाई जा रही है। उन्होंने कहा इसका उद्देश्य शहर को स्वच्छ बनाना और नदियों को स्वतंत्र रूप देना है, जिसके लिए सभी की सहभागिता आवश्यक है।
कलेक्टर ने स्पष्ट किया जिस दिशा में नदी या नाला बहता है, चाहे वह भूमि शासकीय हो या निजी, वहां किसी भी प्रकार का निर्माण नहीं किया जा सकेगा। उन्होंने कहा अभी एचएफएल पॉइंट पर पिलर लगाए जा रहे हैं और इसके दोनों ओर 30 मीटर तक किसी भी प्रकार की कंस्ट्रक्शन परमिशन टाउन एंड कंट्री प्लानिंग तथा नगरपालिका द्वारा नहीं दी जाए। पुलिस अधीक्षक अंकित सोनी ने भी सुझाव दिया इन पिलरों के बीच लंबे वृक्ष लगाए जा सकते हैं, जो एचएफएल लाइन को दर्शाएंगे।
बैठक में टेक्निकल टीम ने जानकारी देते हुए बताया यदि किसी स्थान पर परमिशन मिल भी जाए और निरीक्षण के दौरान वह स्थान विवादास्पद पाया जाता है, तो उस परमिशन को स्वतः निरस्त ही निरस्त माना जाता है। टीम ने स्टॉप डेम निर्माण और वाटर ट्रीटमेंट प्लांट लगाने का भी सुझाव दिया।
इस दौरान अपर कलेक्टर श्री अखिलेश जैन ने बताया अब तक लगभग 10 लाख रुपए से अधिक की राशि सहयोग स्वरूप एकत्रित की गई है। इसमें से लगभग 63 हजार रुपए खर्च किए गए हैं, शेष राशि से कार्य प्रगति पर है। अभी भी लगातार जनसहयोग से गुनिया नदी के पुनरुत्थान के लिए राशि दी जा रही है। एवं जनसहयोग से जो मशीनरी भी उपलब्ध कराई गई उसकी जानकारी भी साझा की गई। उन्होंने यह भी बताया नदी किनारे लगाए जा रहे पौधों की सुरक्षा हेतु आमजन अपने परिजनों की स्मृति में “प्लांट गार्ड” भी सहयोग स्वरूप दे सकते हैं, जिस पर बैठक में उपस्थित लोगों ने सहयोग देने की सहमति जताई।
बैठक में यह भी जानकारी दी गई श्रमदान के दौरान कई लोग प्रभावित होकर नदी सौदर्यीकरण हेतु सहयोग राशि प्रदान कर रहे हैं। विभिन्न समुदायों एवं प्रशासन द्वारा किए गए श्रमदान की जानकारी भी बैठक में साझा की गई।
एसडीएम श्रीमती शिवानी पाण्डेय ने राजस्व के विभिन्न वर्षों के नक्शों के माध्यम से भी नदी की वास्तविक स्थिति स्पष्ट की। बैठक में उपस्थित कई लोगों ने बैठक में ही आर्थिक सहयोग दिया एवं सभी ने श्रमदान का संकल्प भी लिया।
बैठक के समापन पर कलेक्टर श्री कन्याल ने कहा प्रशासन की सदैव यह मंशा रही है कि प्राकृतिक संसाधनों को सुरक्षित किया जाए। कलेक्टर ने कहा वर्तमान में आर्थिक सहयोग और श्रमदान के रूप में जो योगदान मिल रहा है, वह शहर के लिए स्मरणीय रहेगा। उन्होंने बताया नदी किनारे पेवर्स लगाकर व्यू पॉइंट्स विकसित करने एवं वाटर ट्रीटमेंट प्लांट और स्टेप डेम बनाने पर भी कार्य योजना बनाई जा रही है। इस प्रोजेक्ट को “नमामि गंगे” योजना से जोड़ने के लिए भी प्रयास किए जा रहे हैं।
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