गुना आरटीओ की लापरवाही: असली लाइसेंसधारक परेशान, नवीनीकरण के लिए फिर से लर्निंग का झंझट
गुना (आरएनआई)एक ओर तो इंदौर उज्जैन के आरटीओ दफ्तरों से फर्जी ड्राइविंग लाइसेंस जारी होने की खबरें सुर्खियों में हैं वहीं दूसरी ओर गुना में परिवहन विभाग 2005 में जारी असली ड्राइविंग लाइसेंस का नवीनीकरण ही नहीं कर रहा। वजह बताई जाती है कि सारथी पोर्टल पर पुराने ड्राइविंग लाइसेंस का डेटा उपलब्ध नहीं है। इस कारण कई लोग परेशान हो रहे हैं। जिनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही। ऐसे में पुराने लायसेंस पर 20 साल तक वाहन चला चुके लोग नए सिरे से लर्निंग ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने को मजबूर हैं।
गुना में दिसंबर 2023 से जिला परिवहन अधिकारी का पद खाली है। 27 दिसंबर 2023 को गुना आरोन रोड पर सड़क दुर्घटना में बस अग्निकांड में 13 लोगों की मौत होने की बाद तत्कालीन आरटीओ रवि बरेलिया हो सीएम ने निलंबित कर हटा दिया था। तब से आसपास के जिले के अधिकारियों को प्रभार देकर काम चलाया जा रहा है, जो कभी कभार ही ऑफिस आते हैं।
विगत दो माह तक लाइसेंस नवीनीकरण का प्रयास करने के बाद अंततः बीते रोज इस मामले में मैने सीएम हेल्पलाइन पर शिक़ायत की। साल 2021 से परिवहन विभाग का सारा काम सारथी पोर्टल से ऑनलाइन होता है। विभाग के अमले का कहना है कि सारथी पोर्टल पर 2005 के ड्राइविंग लाइसेंस का डेटा उपलब्ध नहीं है, इस कारण नया लाइसेंस बनवा लें। जबकि जो डेटा अभी तक सारथी पोर्टल पर दर्ज नहीं है उसे दर्ज करने के लिए क्षेत्रीय परिवहन अधिकारियों को बैकलॉग एंट्री का अधिकार है।
उदाहरण के तौर पर साल 2005 से पहले मैन्युअल लाइसेंस बनाए जाते थे यानी लाइसेंस में स्मार्ट चिप की जगह एक किताब होती थी। जिसमें लाइसेंसधारी की पूरी जानकारी दर्ज होती थी। विभाग की लापरवाही के चलते ये डेटा पोर्टल पर ऑनलाइन दर्ज नहीं किया गया। ऐसे में यदि कोई शख्स अपना पुराना लाइसेंस रिन्यूअल के लिए आरटीओ आता है तो मैन्युअल रिन्यूअल किया नहीं जाता और पोर्टल पर उसका ऑनलाइन आवेदन स्वीकार नहीं होता। इसके चलते मजबूरन कई लोग ऑनलाइन नए आवेदन के लिए अप्लाई कर रहे हैं।
दूसरी ओर इंदौर उज्जैन में पुराने लायसेंस की डेटा एंट्री न होने का फायदा उठाकर कई फर्जी लायसेंस तक जारी किए गए। वहां जिनका रिकॉर्ड पोर्टल पर ऑनलाइन नहीं है विभाग के अमले को उनकी बैकलॉग एंट्री कर उन लायसेंस का नवीनीकरण करना है। इसी का फायदा फर्जी लाइसेंस बनाने के लिए उठाया गया। क्योंकि एक बार जो एंट्री हो गई तो देश के किसी भी आरटीओ से इसे रिन्यू या अपडेट कराया जा सकता है। नियम के मुताबिक इस एंट्री के साथ पुराने दस्तावेज भी ऑनलाइन दर्ज किए जाना चाहिए, मगर वहां ऐसा नहीं किया गया।
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