यदा हमीद का बड़ा यूटर्न: कहा- अवैध बांग्लादेशियों को भेजा जाए वापस
सैयदा हमीद ने एक प्रतिनिधिमंडल के साथ असम का दौरा किया। इस प्रतिनिधिमंडल में सैयदा हमीद के अलावा हर्ष मंदर, वजाहत हबीबुल्ला, फयाज शाहीन, प्रशांत भूषण, जवाहर सरकार शामिल रहे। इन लोगों ने सरकार द्वारा खाली कराए गए इलाकों का दौरा किया।
गुवाहाटी (आरएनआई) सामाजिक कार्यकर्ता और पूर्व में योजना आयोग की सदस्य रहीं सैयदा हमीद ने राजनीतिक विवाद खड़ा होने के बाद असम में बांग्लादेशियों को लेकर दिए गए अपने बयान से यू-टर्न किया है। उन्होंने अपने बयान से पलटते हुए अब कहा है कि देश से जो लोग अवैध रूप से घुस आए हैं, उन्हें वापस भेजा जाना चाहिए।
मंगलवार को एक अन्य कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सैयदा हमीद ने अपने बयान से यू-टर्न ले लिया। उन्होंने कहा कि असम का मेरा अनुभव बेहद खूबसूरत है। 1997 से महिला आयोग और योजना आयोग का हिस्सा रहते हुए मैं असम के हर हिस्से में गई हूं, लेकिन मुझे कभी इस बात का एहसास नहीं हुआ कि मैं एक मुसलमान और महिला हूं। उन्होंने आगे कहा कि अगर राज्य में कुछ बांग्लादेशी भी आ गए हैं, तो उनके साथ बैठिए, उनसे बातचीत कीजिए और उन्हें वापस भेजिए।
असम में राजनीतिक भूचाल तब खड़ा हो गया जब हालिया असम दौरे पर सामाजिक कार्यकर्ता और पूर्व में योजना आयोग की सदस्य रहीं सैयदा हमीद ने अपने एक बयान में यह कहकर विवाद खड़ा कर दिया था कि बांग्लादेशी, भारत में रह सकते हैं। उनके इस पर बीते दिन सीएम हिमंत बिस्व सरमा ने तीखा पलटवार किया था। सीएम ने कहा कि सैयदा हमीद जैसे लोगों की वजह से ही असमिया संस्कृति विलुप्ति के कगार पर है।
असम सीएम ने सोशल मीडिया पर साझा एक पोस्ट में लिखा कि 'गांधी परिवार की करीबी विश्वासपात्र सैयदा हमीद जैसे लोग अवैध घुसपैठियों को वैध ठहराते हैं, क्योंकि वे असम को पाकिस्तान का हिस्सा बनाने के जिन्ना के सपने को साकार करना चाहते हैं। आज इनके जैसे लोगों के मौन समर्थन के कारण असमिया पहचान विलुप्त होने के कगार पर है। लेकिन हम लाचित बरफुकन के बेटे और बेटियां हैं, हम अपने राज्य और अपनी पहचान को बचाने के लिए अपने खून की आखिरी बूंद तक लड़ेंगे। मैं ये साफ कर दूं कि बांग्लादेशियों का असम में स्वागत नहीं है, यह उनकी भूमि नहीं है। उनसे सहानुभूति रखने वाला कोई भी व्यक्ति उन्हें अपने घर में जगह दे सकता है। असम अवैध घुसपैठियों के लिए नहीं है, न अभी, न आगे कभी।'
सैयदा हमीद ने एक प्रतिनिधिमंडल के साथ असम का दौरा किया। इस प्रतिनिधिमंडल में सैयदा हमीद के अलावा हर्ष मंदर, वजाहत हबीबुल्ला, फयाज शाहीन, प्रशांत भूषण, जवाहर सरकार शामिल रहे। इन लोगों ने सरकार द्वारा खाली कराए गए इलाकों का दौरा किया। इस दौरान मीडिया से बात करते हुए सैयदा हमीद ने कहा कि 'बांग्लादेशी होने में क्या बुराई है? बांग्लादेशी भी इंसान हैं; धरती बहुत बड़ी है, बांग्लादेशी भी यहां रह सकते हैं। अल्लाह ने यह धरती इंसानों के लिए बनाई है, शैतान के लिए नहीं। किसी इंसान को इतनी बेरहमी से क्यों निकाला जाए?' उन्होंने असम सरकार पर बेदखली अभियानों के दौरान अल्पसंख्यक समुदायों के खिलाफ अमानवीय कृत्य करने का आरोप लगाया।
Follow RNI News Channel on WhatsApp: https://whatsapp.com/channel/0029VaBPp7rK5cD6X
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Angry
0
Sad
0
Wow
0



