दिल्ली आश्रम कांड: वार्डन कराता था मुलाकात, 15 से अधिक छात्राओं से छेड़छाड़
नई दिल्ली (आरएनआई) राजधानी दिल्ली में स्थित एक प्रतिष्ठित आश्रम के संचालक पर 15 से अधिक छात्राओं से छेड़छाड़ करने का गंभीर आरोप लगा है। आरोपी चिन्मयानंद सरस्वती उर्फ पार्थसारथी के खिलाफ वसंतकुंज (नॉर्थ) थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार, दक्षिण-पश्चिमी दिल्ली के वसंतकुंज इलाके में एक प्रसिद्ध आश्रम संचालित होता है। इसका प्रबंधन चिन्मयानंद सरस्वती के पास था। आश्रम में मैनेजमेंट की पढ़ाई होती है, जिसमें दो बैचों में 35 से ज्यादा छात्राएं अध्ययनरत हैं।
छात्राओं ने पुलिस को अपनी शिकायत में बताया कि आश्रम में कार्यरत कुछ वार्डन उन्हें आरोपी से मिलवाती थीं। इसी दौरान उसने कई छात्राओं से छेड़छाड़ की। सभी पीड़ित छात्राओं के बयान अदालत में मजिस्ट्रेट के समक्ष धारा 164 CrPC के तहत दर्ज कर लिए गए हैं।
फर्जी यूएन नंबर प्लेट वाली वोल्वो कार जब्त
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि आरोपी अपनी महंगी वोल्वो कार पर ‘39 UN 1’ का फर्जी नंबर प्लेट लगाकर घूम रहा था। जब पुलिस ने संयुक्त राष्ट्र (UN) से इसकी पुष्टि की, तो पता चला कि आरोपी को कोई आधिकारिक नंबर आवंटित नहीं किया गया था। इसके बाद पुलिस ने कार जब्त कर ली है।
आरोपित के फरार होने की जानकारी मिली है। उसकी आखिरी लोकेशन आगरा में पाई गई है। पुलिस की कई टीमें उसकी तलाश में दबिश दे रही हैं।
मठ ने निकाला बाहर
दक्षिण भारत के एक प्रमुख मठ ने आरोपी को उसके कृत्य की जानकारी मिलने के बाद आश्रम से तत्काल प्रभाव से बाहर कर दिया है।
दक्षिण-पश्चिमी जिला पुलिस उपायुक्त अमित गोयल ने बताया कि “छात्राओं की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया गया है और जांच जारी है। आरोपी की गिरफ्तारी के प्रयास तेज कर दिए गए हैं।”
शृंगेरी शारदापीठ का बयान
इस मामले पर दक्षिणाम्नाय श्रीशारदापीठ, शृंगेरी ने भी सार्वजनिक बयान जारी किया है। पीठ ने स्पष्ट किया है कि स्वामी चैतन्यनंद सरस्वती (पूर्व नाम – स्वामी डॉ. पार्थसारथी) की गतिविधियाँ अवैध, अनुचित और पीठ के हितों के खिलाफ रही हैं। इसी कारण उनसे सभी संबंध समाप्त कर दिए गए हैं।
पीठ ने यह भी बताया कि उनके अवैध कार्यों को लेकर संबंधित अधिकारियों के पास शिकायत दर्ज कराई गई है।
साथ ही, शृंगेरी पीठ ने स्पष्ट किया कि ‘श्री शारदा इंस्टीट्यूट ऑफ इंडियन मैनेजमेंट-रिसर्च’ (वसंतकुंज, नई दिल्ली) एआईसीटीई (AICTE) से मान्यता प्राप्त है और इसका संचालन पीठ द्वारा गठित गवर्निंग काउंसिल करती है। गवर्निंग काउंसिल के अध्यक्ष प्रख्यात शिक्षाविद् डॉ. कृष्णा वेंकटेश हैं।
काउंसिल ने आश्वासन दिया है कि छात्रों के हितों की पूरी सुरक्षा की जाएगी और उनकी पढ़ाई तथा कार्यक्रमों में किसी तरह की रुकावट नहीं आने दी जाएगी।
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