रानीपुर से भव्य शोभायात्रा के साथ बाबा सत्यनाथ महोत्सव 2025 का शुभारंभ
सुल्तानपुर (आरएनआई)। कादीपुर क्षेत्र में आध्यात्म, भक्ति और लोक संस्कृति का संगम लेकर तीन दिवसीय बाबा सत्यनाथ महोत्सव 2025 का शुभारंभ आज भव्य शोभायात्रा के साथ हुआ। रानीपुर कायस्थ ग्राम सभा स्थित महाकाल शनिदेव अवसान माता मंदिर से प्रारंभ हुई यह भव्य शोभायात्रा कादीपुर नगर क्षेत्र में भ्रमण करते हुए चांदा रोड, अल्देमऊ नूरपुर गांव होते हुए आदि गंगा गोमती तट स्थित अघोरपीठ बाबा सत्यनाथ मठ पहुंची, जहां विधिवत पूजा-अर्चना के साथ महोत्सव का शुभारंभ किया गया।
शोभायात्रा में सैकड़ों श्रद्धालु बैंड-बाजों, भव्य झांकियों और जयघोषों के साथ शामिल हुए। शोभायात्रा की झांकियों में बाबा सत्यनाथ, शिव परिवार, श्रीराम-लक्ष्मण-सीता, भगवान परशुराम, संत कबीरदास, संत रविदास, महाराणा प्रताप, महाराजा चन्द्रगुप्त जैसे अनेक देव, संत और महापुरुषों के दिव्य रूप आकर्षण का केंद्र रहे। साथ ही पचासों रिक्शों पर संत-महात्माओं और महापुरुषों के कटआउट लगाकर सामाजिक और सांस्कृतिक समरसता का संदेश दिया गया।
नगर भ्रमण के दौरान श्रद्धालुओं ने जगह-जगह पुष्पवर्षा कर झांकियों का स्वागत किया। पटेल चौक पर विश्व हिंदू परिषद के जिला उपाध्यक्ष सन्तोष पाण्डेय व दीपक अग्रहरि अपनी टीम के साथ पुष्पवर्षा करते नजर आए, वहीं पुरानी बाजार में नगर पंचायत अध्यक्ष आनंद जायसवाल और सभासद बृजेश सिंह ने कपाली बाबा का अभिनंदन कर स्वागत किया। नगर पंचायत की ओर से बाबा को पट्टिका भेंट की गई। शोभायात्रा के शुभारंभ के अवसर पर उपजिलाधिकारी कादीपुर उत्तम कुमार तिवारी, नगर पंचायत अध्यक्ष आनंद जायसवाल और प्रभारी निरीक्षक श्याम सुंदर ने महाकाल शनिदेव अवसान माता मंदिर में पूजा-अर्चना कर झांकी में सजे कलाकारों का माल्यार्पण किया और नारियल फोड़कर यात्रा को रवाना किया।
मठ पहुंचने के बाद पूरे परिसर में भक्तिरस का वातावरण छा गया। दीपों की रोशनी, भक्ति गीतों की ध्वनि और भक्तों के उत्साह ने पूरा माहौल आध्यात्मिक बना दिया। श्रद्धालु बाबा सत्यनाथ के दरबार में दर्शन और आशीर्वाद प्राप्त करने उमड़ पड़े। मेला परिसर में लोक नृत्य, लोक कला प्रदर्शन, भजन संध्या और धार्मिक प्रवचनों जैसे कार्यक्रमों का सिलसिला शुरू हुआ, जिसमें देश के विभिन्न हिस्सों से आए संत, कलाकार और श्रद्धालु भाग ले रहे हैं।
सत्यनाथ पीठ के पीठाधीश्वर अवधूत उग्र चण्डेश्वर कपाली बाबा ने बताया कि इस महोत्सव का उद्देश्य लोक संस्कृति, अध्यात्म और सामाजिक एकता को सशक्त बनाना है। उन्होंने कहा कि यह आयोजन लोगों में आध्यात्मिक चेतना जगाने और विलुप्त होती लोक परंपराओं को पुनर्जीवित करने का प्रयास है।
इस अवसर पर चित्रकूट धाम के आचार्य देवाचार्य, अखिल भारतीय क्षत्रिय कल्याण परिषद के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष ई. आर. पी. सिंह, नूरपुर के प्रधान बन्टी सिंह, पूर्व प्रधान शिवभूषण सिंह, जीतेन्द्र सिंह, गुड्डू सिंह, किन्नर कल्याण बोर्ड की सदस्य काजल किन्नर, शुभम् सिंह, नीरज मिश्र सहित हजारों श्रद्धालु उपस्थित रहे।
तीन दिनों तक चलने वाले इस महोत्सव में आगामी दिनों में संत प्रवचन, राष्ट्रीय परिचर्चा, भजन संध्या और दीपोत्सव के कार्यक्रम होंगे, जो भक्तों और आगंतुकों के लिए आकर्षण का केंद्र बने रहेंगे। सुरक्षा और व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी प्रशासन व स्थानीय स्वयंसेवकों के सहयोग से सुचारु रूप से संभाली जा रही है।
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