यमुना नदी में रोक के बाद भी मछली शिकार जारी
खागा, फतेहपुर (आरएनआई) तहसील क्षेत्र के यमुना तटवर्ती इलाकों में शासन द्वारा मछली प्रजनन जून से अगस्त तक मत्स्य आखेट पर सख्त प्रतिबंध लगाने के बावजूद मछुआरों द्वारा मस्त्य शिकार धड़ल्ले से जारी है। सैकड़ों नाविक मछुआरे रात-दिन बेखौफ होकर यमुना नदी में जाल डालकर मछलियों का शिकार कर रहे हैं, जिससे मछली संरक्षण की सरकारी नीति ध्वस्त हो रही है।
यमुना नदी के मुख्य घाटों से हटकर मछुआरों ने झोपड़ पट्टियां बना ली हैं और वहां से सुबह-शाम जाल डालकर मछलियों का शिकार कर लाखों की बिक्री कर रहे हैं। कुछ बड़े मछुआरों के दल केमिकल का उपयोग कर छोटी मछलियों को मारकर कुंतलों की बिक्री भी कर रहे हैं, जो मछली प्रजनन के लिए घातक है। बिना टेंडर प्रक्रिया के यमुना घाटों पर मत्स्य आखेट से सरकार को भारी राजस्व हानि हो रही है। विभागीय अधिकारी और स्थानीय प्रशासन शासन के प्रतिबंध के बावजूद मौन हैं और कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। इस कारण मछुआरों के हौसले बुलंद हैं और वे खुलेआम नियमों की अवहेलना कर रहे हैं। खागा तहसील के किशनपुर थाना क्षेत्र के महावतपुर असहट घाट, जगदीशपुर सिघरी, गुरुवल घाट, मड़ौली, गढ़ीवा, भसरौल, एकडला आदि यमुना घाटों पर भोर के समय से ही सैकड़ों नाविक मछुआरों का दल शिकारमाही पर सक्रिय रहता है। इसके अलावा खखरेडू और धाता थाना क्षेत्र के तटवर्ती इलाकों में भी यह स्थिति बनी हुई है। एसडीएम अभिनीत कुमार ने बताया कि मत्स्य आखेट करना पूरी तरह से पाबंद है। जांच कराकर करवाई की जाएगी।
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