'नोटबंदी और लॉकडाउन की तरह ही एसआईआर जल्दबाजी में लागू', बीएलओ की मौतों पर कांग्रेस का सरकार पर हमला

Nov 23, 2025 - 16:03
 0  54
'नोटबंदी और लॉकडाउन की तरह ही एसआईआर जल्दबाजी में लागू', बीएलओ की मौतों पर कांग्रेस का सरकार पर हमला

नई दिल्ली (आरएनआई)। कई राज्यों से सामने आई बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) की मौत की खबरों के बाद कांग्रेस ने सरकार पर तीखा हमला बोला है। पार्टी ने आरोप लगाया है कि मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण (SIR) अभियान को जल्दबाजी और बिना तैयारी के लागू किया गया, जिससे अधिकारियों पर अत्यधिक काम का दबाव बना और कई को तनाव व आत्महत्या के लिए मजबूर होना पड़ा। कांग्रेस ने इसे नोटबंदी और लॉकडाउन जैसे फैसलों की तरह ‘बिना योजना का त्वरित कदम’ बताया।

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने X पर पोस्ट किया, “19 दिनों में एसआईआर के दौरान 16 BLO की मौत की खबरें सामने आई हैं। काम का बोझ कई अधिकारियों को आत्महत्या के लिए मजबूर कर रहा है। भाजपा की वोट चोरी अब जानलेवा हो गई है।” उन्होंने कहा कि वास्तविक संख्या इससे कहीं अधिक हो सकती है और हर परिवार को न्याय मिलना चाहिए।

खरगे ने आरोप लगाया कि भाजपा सत्ता के लिए हर तरह का दबाव बनाने में लगी है, जबकि चुनाव आयोग ‘मूकदर्शक’ बना हुआ है। उन्होंने कहा कि “एसआईआर को जबरदस्ती और बिना किसी ठोस योजना के लागू करने का फैसला लोगों को नोटबंदी और कोरोना लॉकडाउन की याद दिलाता है। भाजपा की सत्ता की भूख संस्थाओं और लोकतंत्र पर हमला कर रही है।”

कांग्रेस ने यह भी कहा कि एसआईआर और मतदाता हस्तक्षेप पर चुप रहने वाले लोग इन निर्दोष अफसरों की मौत के लिए जिम्मेदार हैं।

शुक्रवार को पश्चिम बंगाल के नादिया जिले में बूथ लेवल ऑफिसर के पद पर कार्यरत एक महिला अपने घर में मृत पाई गई। परिवार ने दावा किया कि वह एसआईआर से जुड़े काम के अत्यधिक तनाव में थी, जिसके कारण उसने आत्महत्या कर ली।

Follow RNI News Channel on WhatsApp: https://whatsapp.com/channel/0029VaBPp7rK5cD6X

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Angry Angry 0
Sad Sad 0
Wow Wow 0
RNI News Reportage News International (RNI) is India's growing news website which is an digital platform to news, ideas and content based article. Destination where you can catch latest happenings from all over the globe Enhancing the strength of journalism independent and unbiased.