सुप्रीम कोर्ट मेट्रो स्टेशन का नाम बदलना पड़ेगा महंगा, बढ़ सकती हैं कानूनी उलझनें

Friday, February 20, 2026 - 12:25
0
सुप्रीम कोर्ट मेट्रो स्टेशन का नाम बदलना पड़ेगा महंगा, बढ़ सकती हैं कानूनी उलझनें

नई दिल्ली (आरएनआई)। राजधानी में स्थित सुप्रीम कोर्ट मेट्रो स्टेशन के हिंदी नाम को बदलकर “सर्वोच्च न्यायालय” करने की मांग पर सुनवाई के दौरान दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन ने अदालत को बताया कि यह बदलाव केवल बोर्ड बदलने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इससे सरकारी खजाने पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ेगा। डीएमआरसी के अनुसार, इस प्रक्रिया में लगभग 40 से 45 लाख रुपये का खर्च आ सकता है।

मामले की सुनवाई दिल्ली हाईकोर्ट की खंडपीठ कर रही है, जिसमें मुख्य न्यायाधीश डीके उपाध्याय और न्यायमूर्ति तेजस कारिया शामिल हैं। अदालत के समक्ष डीएमआरसी के वकील ने दलील दी कि अगर स्टेशन का हिंदी नाम बदला जाता है, तो केवल प्लेटफॉर्म और एंट्री-एग्जिट पर लगे साइनेज ही नहीं, बल्कि रूट मैप, मोबाइल ऐप, ट्रेनों के भीतर प्रदर्शित सूचना और अन्य डिजिटल व प्रिंट सामग्री में भी संशोधन करना पड़ेगा।

डीएमआरसी ने यह आशंका भी जताई कि यदि एक स्टेशन के नाम में बदलाव किया गया, तो भविष्य में अन्य स्टेशनों को लेकर भी इसी तरह की मांगें उठ सकती हैं, जिससे प्रशासनिक और वित्तीय जटिलताएं बढ़ेंगी। हालांकि अदालत ने साफ कहा कि भविष्य में याचिकाएं आने की संभावना मात्र इस मांग का विरोध करने का आधार नहीं हो सकती।

कोर्ट ने डीएमआरसी को निर्देश दिया है कि वह इस पूरे मुद्दे पर एक विस्तृत हलफनामा दाखिल करे, जिसमें खर्च, प्रक्रिया और संभावित प्रभावों का पूरा विवरण हो। इस मामले की अगली सुनवाई अप्रैल में तय की गई है।

यह याचिका उमेश शर्मा द्वारा दायर जनहित याचिका के तहत सुनी जा रही है। याचिकाकर्ता का तर्क है कि सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया के नाम पर बने मेट्रो स्टेशन का हिंदी नाम देवनागरी लिपि में “सर्वोच्च न्यायालय” होना चाहिए। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि सेंट्रल सेक्रेटेरिएट मेट्रो स्टेशन का हिंदी नाम “केंद्रीय सचिवालय” लिखा गया है।

याचिका में आधिकारिक भाषा अधिनियम का हवाला देते हुए यह भी कहा गया है कि केंद्र सरकार के कार्यालयों और संस्थानों में साइनेज अंग्रेजी और हिंदी दोनों में होने चाहिए, और हिंदी का प्रयोग देवनागरी लिपि में किया जाना अनिवार्य है। अब देखना होगा कि अदालत इस भाषा-संबंधी मांग और उससे जुड़े खर्च व प्रशासनिक पहलुओं के बीच किस तरह संतुलन बनाती है।।

Follow RNI News Channel on WhatsApp: https://whatsapp.com/channel/0029VaBPp7rK5cD6X

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Wow Wow 0
Sad Sad 0
Angry Angry 0
RNI News

Reportage News International (RNI) is India's growing news website which is an digital platform to news, ideas and content based article. Destination where you can catch latest happenings from all over the globe Enhancing the strength of journalism independent and unbiased.

Comments (0)

User