डीजीपी जारी करें सर्कुलर: ज़मानत जानकारी देने में लापरवाही पर पुलिसकर्मियों पर होगी कड़ी कार्रवाई – हाई कोर्ट
प्रयागराज (आरएनआई) इलाहाबाद हाई कोर्ट ने सरकारी वकील को ज़मानत से संबंधित जानकारी उपलब्ध कराने में पुलिस अधिकारियों की लापरवाही पर कड़ा रूख अपनाते हुए डीजीपी को तत्काल सर्कुलर जारी करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने कहा कि ऐसी लापरवाही आरोपी की स्वतंत्रता में अनुचित बाधा डालती है, इसलिए इसके लिए जिम्मेदार पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
न्यायमूर्ति अरुण कुमार सिंह देशवाल की एकल पीठ विनोद राम नामक आरोपी की ज़मानत याचिका पर सुनवाई कर रही थी। विनोद राम के खिलाफ बलिया के बांसडीह रोड थाने में अपहरण एवं सबूत मिटाने सहित अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज है। ज़मानत आवेदन पर सुनवाई के दौरान अदालत ने पाया कि पुलिस की तरफ से सरकारी वकील को केस की आवश्यक जानकारी समय पर उपलब्ध नहीं कराई गई, जिससे याचिका एक महीने तक लंबित रही और आरोपी अनावश्यक रूप से जेल में बंद रहा।
इस देरी को गंभीर मानते हुए हाई कोर्ट ने 17 नवंबर को बलिया के एसपी को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का आदेश दिया था, क्योंकि इससे पहले आठ अक्तूबर के कोर्ट आदेश के बावजूद अपहृत व्यक्ति राम निवास की तलाश और मामले की प्रगति की जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई थी।
कोर्ट के निर्देश पर एसपी ओम वीर सिंह ने व्यक्तिगत हलफ़नामा दाखिल किया और बताया कि विवेचना अधिकारी महेंद्र रावत ने सरकारी वकील के कार्यालय से पत्र प्राप्त होने के बावजूद जानकारी साझा नहीं की। इस गंभीर लापरवाही को लेकर उनके खिलाफ प्रारंभिक जांच शुरू कर दी गई है और जांच पूरी होने तक उन्हें निलंबित कर दिया गया है।
अदालत ने कहा कि किसी भी आरोपी को पुलिस की चूक के कारण स्वतंत्रता से वंचित नहीं रखा जा सकता। सभी तथ्यों को देखते हुए हाई कोर्ट ने याची विनोद राम को ज़मानत पर रिहा करने का आदेश जारी कर दिया।
Follow RNI News Channel on WhatsApp: https://whatsapp.com/channel/0029VaBPp7rK5cD6X
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Angry
0
Sad
0
Wow
0



