चार दिन में दूसरी मुलाकात: सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार नाश्ते की मेज पर फिर आमने-सामने, बोले—सुशासन और विकास के लिए एकजुट
बेंगलुरु (आरएनआई)। कर्नाटक की राजनीति में नेतृत्व परिवर्तन को लेकर चल रही अटकलों के बीच मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार एक बार फिर नाश्ते की मेज पर मिले। बीते चार दिनों में दोनों नेताओं की यह दूसरी मुलाकात है, जिसने राज्य राजनीति में बढ़ती चर्चाओं को और तेज कर दिया है, हालांकि दोनों ही नेता खुलकर किसी भी तरह के मतभेद या असमंजस की बात को खारिज कर रहे हैं।
मंगलवार सुबह मुख्यमंत्री सिद्धारमैया, शिवकुमार के आवास पहुंचे, जहां डीके शिवकुमार और उनके भाई सांसद डीके सुरेश ने उनका स्वागत किया। दोनों नेताओं ने साथ नाश्ता किया और विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की। शिवकुमार के कार्यालय द्वारा जारी तस्वीरों में दोनों नेताओं को सहज माहौल में बातचीत करते हुए देखा जा सकता है।
मुलाकात के बाद डीके शिवकुमार ने सोशल मीडिया पर लिखा, “आज मैंने अपने घर पर माननीय मुख्यमंत्री को नाश्ते पर बुलाया, क्योंकि हम कांग्रेस के विजन के तहत सुशासन और राज्य के विकास के लिए पूरी तरह समर्पित हैं।”
शनिवार को भी दोनों नेता मुख्यमंत्री आवास में नाश्ते पर मिले थे और उस समय भी उन्होंने एकजुटता का संदेश दिया था। सोमवार को मुख्यमंत्री ने कहा था कि वह शिवकुमार के आवास पर नाश्ते पर जाएंगे, हालांकि उन्हें अभी औपचारिक निमंत्रण नहीं मिला। शाम होते-होते शिवकुमार ने सोशल मीडिया के माध्यम से औपचारिक निमंत्रण भेज दिया।
कर्नाटक के गृह मंत्री जी. परमेश्वर ने इन मुलाकातों को सकारात्मक बताते हुए कहा कि दोनों नेताओं की बैठकें पार्टी आलाकमान की सलाह पर हो रही हैं और इससे सभी विवाद शांतिपूर्वक सुलझने की उम्मीद है। उन्होंने कहा, “हम चाहते हैं कि पिछले एक महीने से जो चल रहा है, उसका शांतिपूर्ण समाधान हो। अलग-अलग नेताओं की अपनी महत्वाकांक्षाएँ हो सकती हैं, और यह गलत नहीं है।”
सोमवार को शिवकुमार ने एक पोस्ट में स्पष्ट किया कि वह और मुख्यमंत्री एक टीम की तरह लगातार काम कर रहे हैं और कर्नाटक में किए गए वादों को पूरा करने पर मिलकर फोकस कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी तरह की गुटबाज़ी की बातें मीडिया द्वारा बनाई जा रही हैं, जबकि पार्टी के भीतर कोई असमंजस नहीं है। उनका कहना था कि उनके साथ 140 विधायक हैं और पार्टी हित में सभी एकजुट हैं।
यह पूरा घटनाक्रम उस समय हो रहा है, जब राजनीतिक गलियारों में ‘ढाई-ढाई साल’ के फॉर्मूले के तहत नेतृत्व परिवर्तन की संभावनाओं पर चर्चा चल रही है। हालांकि, पार्टी सूत्रों के अनुसार कांग्रेस हाईकमान ने फिलहाल सिद्धारमैया को मुख्यमंत्री पद पर बनाए रखने के संकेत दिए हैं, खासकर आगामी विधानसभा सत्र तक।
सिद्धारमैया और शिवकुमार की लगातार बढ़ती समीपता यह संदेश देने की कोशिश कर रही है कि कर्नाटक सरकार में स्थिरता है और दोनों ही नेता विकास तथा सुशासन के एजेंडे पर साथ मिलकर काम करने को प्रतिबद्ध हैं।
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