गुना–अशोकनगर–शिवपुरी से गूँजी 17 बड़ी रेल माँगें—सांसद महाराज के समक्ष रखा गया अब तक का सबसे बड़ा प्रस्ताव

Nov 26, 2025 - 22:01
Nov 26, 2025 - 22:07
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गुना–अशोकनगर–शिवपुरी से गूँजी 17 बड़ी रेल माँगें—सांसद महाराज के समक्ष रखा गया अब तक का सबसे बड़ा प्रस्ताव

गुना (आरएनआई) गुना–अशोकनगर–शिवपुरी संसदीय क्षेत्र में रेल कनेक्टिविटी सुधार की मांग लगातार तेज हो रही है। क्षेत्र के लगभग 40 लाख लोगों की ओर से  सुनील आचार्य ने क्षेत्रीय सांसद महोदय को 17 बिंदुओं वाला विस्तृत सुझाव पत्र भेजा है, जिसमें कई महत्वपूर्ण रूटों को हाइलाइट करते हुए तत्काल सुधार की माँग की गई है।

यह प्रस्ताव यदि लागू होता है, तो गुना–अशोकनगर–शिवपुरी क्षेत्र मध्यप्रदेश का रेल जंक्शन हब बन सकता है।

सबसे अहम रूट जिन पर जनता की नजर—
1. बीना–नागदा रूट का नियमित संचालन
लंबे समय से बाधित यह रूट व्यापार, शिक्षा और यात्री दबाव के लिहाज से बेहद आवश्यक है। जनता ने इसे पूर्व समयानुसार बहाल करने की मांग रखी है।

2. कोटा–जबलपुर (19809/10) की “लाइफलाइन” सेवा को पुनर्जीवित करें
इस रूट को क्षेत्र की जीवनरेखा कहा जाता था। कोरोना के बाद से बंद है।
लोगों की साफ मांग—तुरंत पुनः शुरू किया जाए।

3. बीना–रुठियाई–गुना MEMU को चार फेरे में लाया जाए
पूर्व की 51607/08/09/10 की तरह इस रूट को फिर से चार यात्राओं में बहाल करने की मांग।
लाभ: पूरे क्षेत्र की लोकल यात्रा सुगम होगी।

4. सिरसा–कोटा एक्सप्रेस को कोटा से सुबह  गुना–अशोकनगर–बीना तक बढ़ाया जाए
यह ट्रेन खाटूश्याम जी–रींगस–अग्रोजाधाम जैसे प्रमुख धार्मिक स्थलों को जोड़ती है।
मांग है कि—

सुबह 5:25 पर कोटा से चलकर गुना–अशोकनगर–बीना जाए

अपरांह 4:40 को बीना से कोटा लौटे
यह रूट सागर–विदिशा–शिवपुरी–गुना सभी को सीधा लाभ देगा।

5. कोटा–गुना–अशोकनगर से प्रयागराज–बनारस ट्रेन चलाने की बड़ी मांग
यह प्रस्ताव इस पूरे अभियान का सबसे भावनात्मक बिंदु बना।
क्योंकि—प्रयागराज और काशी दोनों सनातन संस्कृति के आध्यात्मिक केंद्र हैं, तथा दोनों स्थलों पर पवित्र नदियों का संगम है।

जनता की आवाज—

“गुना–अशोकनगर से प्रयागराज व बनारस हेतु सीधी ट्रेन चलने से लाखों तीर्थयात्रियों को अपार सुविधा मिलेगी।”

6. इंदौर–ऊना/चंडीगढ़ ट्रेन को दैनिक किया जाए
दिल्ली–मथुरा–अंबाला–ऊना के यात्री इस रूट को अत्यंत सुलभ मानते हैं।
भारी प्रतीक्षा सूची को देखते हुए इसे सप्ताह में 2 से बढ़ाकर दैनिक करने की ज़रूरत जताई गई है।

7. ग्वालियर–भोपाल इंटरसिटी को इंदौर तक बढ़ाया जाए
इस रूट से ग्वालियर–भिंड–गुना–अशोकनगर–विदिशा–भोपाल–इंदौर सीधे जुड़ जाएंगे।
यात्रियों का कहना है—यह विस्तार पूरे क्षेत्र की अर्थव्यवस्था बदल देगा।

8. कोटा–इंदौर इंटरसिटी को भोपाल तक चलाया जाए
स्टाफ और पावर परिवर्तन की समस्या समाप्त होगी।
साथ ही यात्रियों को इंदौर–भोपाल–कोटा तीनों बड़े शहरों का सीधा लाभ मिलेगा।

9. गुना–अशोकनगर होकर दिल्ली–इंदौर वंदे भारत चलाने की मांग ने जोर पकड़ा
क्षेत्र में तीन साल से दिल्ली–इंदौर के लिए कोई सीधी ट्रेन नहीं चल रही।
जनता की सीधी मांग—

“गुना–अशोकनगर होते हुए तेज गति वंदे भारत ही चलाओ, यही सच्चा विकास है।”इंदौर से दिल्ली गुना अशोकनगर होते हुए। 

ये अन्य महत्वपूर्ण मांगें भी शामिल—
● क्षिप्रा एक्सप्रेस को गुना–अशोकनगर से सप्ताह मे तीन चलाना,इस मार्ग पर एक विशेष समुदाय के अधिक संख्या मे [जैन समाज]निवास करते जिनका सबसे बडा तीर्थस्थल पार्श्वनाथ संवैग शिखरजी है जहा हजारो की संख्या मे लोगो का आना जाना होता और अंय महानगरो को जोडने बकली गाडी है व्यापार रोजगार, चिकित्सा शिक्षा के लिए भी महत्वपूर्ण होगी। 
● मालवा एक्सप्रेस को मक्सी गुना अशोकनगर  सप्ताह मे तीन दिन आंशिक रूट परिवर्तन करके चलाने से उक्त संसदीय क्षेत्र को मां वैष्णव देवी के लिए सीधी गाडी मिलेगी वर्तमान मे उक्त क्षेत्र से कोई गाडी नही है, यह सपना कैलाश वासी बडे महाराज साहब का भी था। 
● उज्जैनी–देहरादून ट्रेन दैनिक करना ,एसी स्लीपर वोगी बढा कर यह उत्तराखंड को जोडने बाली पहली गाडी है। 
● सूरत–मुजफ्फरपुर सप्ताह में 4 दिन करना व्यापारी वर्ग के लिए बहुत सुलभ होगी। 
● इंदौर–अमृतसर ट्रेन दैनिक
● भिंड–रतलाम ट्रेन को इटावा तक किया जाये और इटावा लाइन पर गाडियो की संख्या बढ़ाई जाये यह लाइन पर गाडी चलने से उक्त संसदीय क्षेत्र को बहुत लाभ होगा बहुत महानगरो की दूरी कम होगी।
● सुबह 6 बजे गुना से चारों महानगरों को “मॉर्निंग मेट्रो/एक्सप्रेस”
● कोटा से बीना तक सिरसा–कोटा विस्तार
● बीना–रुठियाई MEMU के चार फैरे पूर्व लाइफलाइन की तरह लगे 
● केरल साउथ के हेतु सीधी ट्रेन हो या स्वर्ण जयंती को सप्ताह मे तीन दिन गुना से होकर चलाया जाए, 

जनता का संदेश – “रेल ही विकास का मुख्य इंजन है”
सुनील आचार्य ने कहा कि गुना मध्यप्रदेश का वास्तविक हृदय है और यहाँ से कोटा, इंदौर, भोपाल और ग्वालियर समान दूरी पर हैं।
ऐसे में यदि इन 17 बिंदुओं में काम शुरू होता है तो—

व्यापार, रोजगार, शिक्षा और चिकित्सा में अप्रत्याशित वृद्धि

धार्मिक पर्यटन में 400% तक बढ़ोतरी

छोटे स्टेशनों को बड़ी राहत

युवाओं को नए अवसर

निष्कर्ष
गुना–अशोकनगर–शिवपुरी की जनता ने अब सरकार से स्पष्ट संदेश दे दिया है—
“यह क्षेत्र रेल विकास का इंतजार नहीं, हक़दार है।”


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