गुना में आरटीओ सिस्टम का ढोंग: CM हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज, समाधान नहीं
गुना (आरएनआई) देखिए सिस्टम का नायाब नमूना। इससे समझ में आएगा कि किस तरह सरकारी सिस्टम के लोग सरकार को अंधेरे में रखकर सबकुछ ठीक होने का झूठा दिखावा करते हैं। इससे ये भी समझ में आएगा कि किस तरह सीएम हेल्पलाइन जैसी व्यवस्था की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। ये भी साबित होगा कि समस्या बरकरार रहती है और शिकायत निपटा दी जाती है।
मेरी शिकायत सौ फीसदी सही है इस पर मुहर तो लगा दी लेकिन समाधान नहीं किया। आरटीओ कार्यालय गुना में मैने अपने ड्राइविंग लाइसेंस के नवीनीकरण का काफी प्रयास किया। सारथी पोर्टल पर मेरा डेटा की विभाग ने अपलोड नहीं किया था इसलिए आवेदन ऑनलाइन नहीं हो रहा था। मैने आरटीओ कार्यालय में संपर्क किया लेकिन समाधान नहीं निकला।
फिर मैने मध्यप्रदेश की लोक हितैषी सरकार की cm helpline पर शिकायत की। ऑपरेटर ने बड़े सम्मान से बात की और शिकायत दर्ज कर ली। दो दिन बाद आरटीओ कार्यालय गुना से मुझे कॉल कर बुलाया गया। मैं अपने आवश्यक प्रपत्र लेकर और आवेदन साथ लेकर पहुंच गया। मैने आवेदन पर पावती मांगी तो एक बाबूजी ने साइन कर पावती दे दी। सरकारी ऑफिसों में सामान्य तौर पर आवेदन पर सील तो कोई लगाता नहीं है सो नहीं लगाई। मैने बाबूजी का नाम पूछकर साइन के नीचे उनका नाम लिख लिया।
इसके बाद तीन दिन तक आरटीओ ऑफिस के संबंधित क्लर्क द्वारा मेरा लाइसेंस रिन्यूअल करने की प्रोसेस के तहत मेरे मोबाइल फोन पर ओटीपी भेजे गए। लेकिन विभाग का पोर्टल काम नहीं कर रहा था तो ओटीपी देने के बाद भी मेरा लाइसेंस रिन्यूअल नहीं किया जा सका है। यानी मेरी समस्या जस की तस है।
बीती शाम को जब मेने cm helpline पोर्टल पर शिकायत का स्टेटस देखा। उसमें शिकायत का समाधान इस प्रकार लिखा है : -
"समाधान दिनांक : 22 Oct 2025
समाधान : शिकायतकर्ता के आवेदन कि जाँच कि जा रही है, तकनीकी समशया होने के कारण पोर्टल पर लायसेंस सम्बंधित डाटा दर्ज नही हो पा रहा है इस हेतु शिकायत को बंद किये जाने कि अनुसंशा कि जाती है।"
अब इस समाधान को पढ़कर मैं खुश होऊं या नहीं, समझ नहीं पा रहा।
खुशी इस बात की है कि मेरी शिकायत पूरी तरह जायज और सही है ये प्रमाणित हो गया है। और तकलीफ इस बात की है कि शिकायत का समाधान नहीं हुआ है फिर भी शिकायत बंद करने की अनुशंसा की जा रही है।
समस्या बरकरार रहने के बाद भी जिम्मेदारी से बचने के लिए कैसे भी शिकायत बंद कराने की कोशिश करने वाले ऐसे ही लोग प्रदेश के लोकप्रिय डॉ मोहन यादव की सरकार की बाट लगा कर मानेंगे। सत्ता और संगठन मुगालते में ही रहेगा सब कुछ चंगा है। सिस्टम की जय हो।
Follow RNI News Channel on WhatsApp: https://whatsapp.com/channel/0029VaBPp7rK5cD6X
What's Your Reaction?
Like
1
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Angry
0
Sad
0
Wow
0



