गुना पुलिस की बड़ी सफलता: मधुसूदनगढ़ से लापता तीनों लड़कियां इंदौर और खंडवा से सकुशल बरामद

Aug 23, 2025 - 16:12
Aug 23, 2025 - 16:19
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गुना पुलिस की बड़ी सफलता: मधुसूदनगढ़ से लापता तीनों लड़कियां इंदौर और खंडवा से सकुशल बरामद

गुना (आरएनआई) जिले के मधुसूदनगढ़ थाना प्रभारी उपनिरीक्षक संदीप यादव और उनकी टीम द्वारा अपने निरंतर और अथक प्रयासों से थाना क्षेत्र से विगत माह तीन लड़कियों के लापता होने की सफलतापूर्वक गुत्‍थी सुलझाते हुई उन्‍हें दस्‍तयाब करने में महत्‍वपूर्ण सफलता अर्जित की गई है ।

20 जुलाई को जिले के मधुसूदनगढ़ थाना क्षेत्र से एक 20 वर्षीय एवं दो 21-21 वर्षीय, तीन लड़कियों के एकसाथ अचानक घरों से बिना बताये कहीं चले जाने पर उनके परिजनों की ओर से 20 जुलाई को ही मधुसूदनगढ़ थाने पर उनके गुम होने संबंधी सूचना दी गई थी । जिस पर से थाने पर पृथक-पृथक गुम इंसान क्रमांक 34/2025, 35/2025 एवं 36/2025 दर्ज कर पुलिस द्वारा जांच शुरू की गई ।

 प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक अंकित सोनी द्वारा गुमशुदा लड़कियों की शीघ्र दस्‍तयाबी हेतु 10,000/-रूपये इनाम उदघोषित किया गया । साथ ही निरीक्षक ओपी आर्य, उपनिरीक्षक राजेन्द्र सिंह चौहान, आरक्षक गजेन्द्र एवं आरक्षक जशवंत की एक एसआईटी गठित कर लड़कियों की दस्‍तयाबी हेतु लगाई गई । प्रकरण की विवेचना के दौरान पता चला कि जिस दिन से तीनों लडकियां घर से गईं हुई हैं, उसी दिन से सोनखेडी गांव का संदीप सौंधिया भी उसके घर से गायब है । इसके बाद पुलिस द्वारा अपने मुखबिर तंत्र से संदीप सौधिया के बारे में जानकारी लेने पर पता चला कि संदीप सौंधिया की उनमें से एक लडकी से बातचीत होती थी और संभवत: संदीप सौंधिया भी तीनों लड़कियों के साथ ही है । इस जानकारी के बाद पुलिस द्वारा मधुसूदनगढ एवं मधुसूदनगढ़ से होकर निकलने बाले रास्तों के सीसीटीव्ही फुटेज चैक किये गये तो संदीप सौंधिया तीनों लडकियों को एक मोटर साईकिल पर बैठाकर ले जाते हुए दिखा । इसके बाद संदेही एवं गुमशुदा तीनों लड़कियों की तलाश हेतु पुलिस की अलग-अलग टीमें व्यावरा, शाजापुर, सारंगपुर, उज्जैन एवं इन्दौर तरफ रवाना की गईं । साथ ही जिनकी तलाश व पतारसी हेतु तकनीकि संसाधनों की मदद ली गई एवं अपने मुखबिरों को गुमशुदाओं एवं संदेही युवक के फोटो भेजकर तलाश पतारसी हेतु सक्रिय किया गया । जिनकी तलाश के क्रम में पुलिस को गुमशुदा दो लड़कियों के किसी कारण से इंदौर में संदीप के दोस्‍त आशीष मीना के घर पहुंचने की मुखबिर से सूचना मिली । चूंकि गुमशुदा युवतियों की तलाश में पुलिस की एक टीम इंदौर में केंप किये हुए थी तो उक्‍त टीम तत्‍काल आशीष मीना के घर के पास पहुंची और अपनी पहचान छिपाते हुए दोंनो लड़कियों के आने का इंतजार किया एवं जहां पर उक्‍त दोंनो लड़कियों के आते ही पुलिस ने उन्‍हें दस्तयाब कर लिया गया एवं जिनसे तीसरी लड़की के बारे में पूछने पर उनके द्वारा तीसरी लड़की के खण्डवा में होना बताये जाने पर पुलिस टीम तत्‍काल खण्‍डवा पहुंची और उन दोंनो लड़कियों के बताई जगह से तीसरी लड़की को भी दस्तयाब कर लिया गया ।

 दस्तयाबशुदा लड़कियों से प्रारंभिक पूछताछ करने पर जिस लड़की से संदेही संदीप सौंधिया की बातचीत होती थी उस लड़की ने बताया कि वह पिछले दो साल से संदीप सौधिया को जानती थी वह उसके साथ कोचिंग में पड़ता था और उसकी संदीप से बातचीत होती रहती थी । 20 जुलाई  को उसके अपनी सहेली के मोबाईल से संदीप से बात करते समय उसकी बड़ी बहन ने उसे देख लिया था और उससे मोबाईल छीनकर चैक किया तो उसमें उसकी सहेली के भी किसी लड़के से बात होने की जानकारी मिलने पर बड़ी बहन ने उन दोंनो की यह बात घरवालों को बताने का बोला । इसके बाद उसने यह बात अपनी सहेली को बताई और उससे कहा कि अगर बहन ने यह बात घरवालों को बताई तो मुश्किल हो जाएगी और इससे डरकर उन्‍होंने घर से भागने की योजना बनाई एवं इस योजना के बारे अपनी तीसरी सहेली को बताया तो उसने भी साथ चलने का बोला क्‍योंकि हमारे घर से जाने के बाद घर वाले उससे तमाम पूछताछ करेंगे । इसके बाद उसकी दोंनो सहेलियों ने अपने दो परिचित मित्रों को भी साथ चलने को कहा लेकिन उन दोंनो ने साथ चलने से मना कर दिया और फिर उसकी संदीप सौंधिया से बातचीत हुई और उसके आने पर वह तीनों संदीप की मोटर साईकिल पर बैठकर उसके साथ इन्दौर पहुंच गईं, जहां संदीप के मित्र आशीष मीना के रूम पर पहुंचे और उससे कुछ रूपये मांगे एवं मोटर साईकिल रखने को कहा तो उसके साथ रहने वाले उसके मामा हृदेश ने उसे हमारी मदद करने से मना कर दिया फिर हम उन्हें बिना बताये छिपकर वहीं पास में ही एक मंदिर के गार्डन में रात रूके और फिर सुबह होते ही इन्दौर रेल्वे स्टेशन पर मोटर साईकिल रखकर उज्जैन चले गये थे वहां किराये का एक कमरा लेकर उसमें तीन दिन रूके और वहीं से एक बकील साहब के द्वारा एक पत्र अपने घर वालों को उनके अकेले ही रहने के संबंध में भेजा था तथा मोटर साईकिल की चाबी भी पत्र के साथ भेज दी थी फिर हमें लगा कि पुलिस पत्र मिलने पर उज्जैन आ जाएगी तो हम लोग वहां से कमरा खाली करके बस से ओमकारेश्वर चले गये और वहां पर होटल में कमरा लेकर एक रात रूके लेकिन ओमकारेश्वर छोटी जगह होने से हमें परमानेंट कमरा नही मिला तो हम पास में ही खण्डवा चले गये थे वहां हम एक लॉज में तीन दिन रूके फिर हम चारों लोग कुछ काम ढूंढने के लिए खण्डवा से सूरत बस से निकल गये थे क्योंकि रेल्वे स्टेशन पर पुलिस रहती है जो हमें पहचान सकती थी फिर हम सूरत गुजरात पहुंचे जहां हमने दिनभर काम की तलाश की लेकिन सभी ने काम पर रखने से पहले पुलिस बेरिफिकेशन का कहा, जिस कारण हम सूरत से वापस खण्डवा आ गये फिर हम खण्डवा में दोबारा से उसी लॉज में पहुंचे जहां हम पहले रूके थे पर वहां के लोगों को हम पर शक होने लगा था इस कारण हमने 3000/ रूपये महीने के किराये पर एक प्रायवेट कमरा ले लिया था और उसी में रहने लगे थे और होटल पर बेटर की नौकरी ढूंढ कर काम करने लगे थे । लेकिन संदीप को उसके घर वालों की याद आ रही थी कि उनके साथ जाने क्या हो रहा होगा तो उनके बारे में पूछने के लिए संदीप इन्दौर जाने की बोलने लगा तो हमने उसे रोका और कहा कि तुम जल्दी पिघल जाओगे और पकडे़ भी जा सकते हो इसलिए हम लोग पता करने इन्दौर आशीष के पास चले जाते है फिर हमने खण्डवा से दो बुर्के खरीदे और उन्हे पहनकर दो सहेली बस से इन्दौर आशीष के पास उसके कमरे पर पहुंची। लेकिन जहां पहले से पुलिस लगी हुई थी और उनके आने पर पुलिस ने उन्हे अपनी अभिरक्षा में ले लिया और फिर हमारी तीसरी सहेली के बारे में पूछताछ कर खण्डवा पहुंचे जहां वह उन्‍हें मिल गई और तीनों को अपने साथ ले आये ।

 चूंकि तीनो लड़कियों के घर वालों के द्वारा संदीप सोंधिया पर एवं अन्य लोगों पर उनकी लड़कियों को लेकर जाने की शिकायतें की गईं थीं एवं उक्त मुद्दे के काफी सामाजिक रूप लेने से उक्त तीनो लड़कियों को एस.डी.एम. के समक्ष उनके कथन कराये गये एवं इसके बाद आज उनकी काऊन्सलिंग वन स्टॉप सेन्टर द्वारा कराई जाकर बच्चियों की सुपुर्दगी की कार्यवाही की जा रही ।

गुना पुलिस की उपरोक्‍त उल्‍लेखनीय कार्यवाही में मधुसूदनगढ़ थाना प्रभारी उपनिरीक्षक संदीप यादव, उपनिरीक्षक पंजाब सिंह गौड, उपनिरीक्षक अंजली गुप्ता, उपनिरीक्षक बाबूलाल मीना, उपनिरीक्षक महेश सिकरवार, उपनिरीक्षक रवि भिलाला, सउनि अजय चौहान, प्रधान आरक्षक महेन्द्र पाल सिंह, प्रधान आरक्षक संदीप खटीक, प्रधान आरक्षक पप्पू चंदेल, आरक्षक नीलेश रघुवंशी, आरक्षक अंकित, आरक्षक पुष्पेन्द्र, आरक्षक शैलेन्द्र, आरक्षक अजय, आरक्षक महेन्द्र वर्मा, आरक्षक नीतेश खोडे, आरक्षक रानू रघुवंशी, आरक्षक देव सिकरवार, आरक्षक विनीत मौर्य, आरक्षक रामनिवास, महिला आरक्षक हेमा चंदेल, जामनेर थाने से आरक्षक कुलदीप भदौरिया एवं साईबर सैल से आरक्षक कुलदीप यादव व आरक्षक भूपेन्द्र खटीक ।

एस.आई.टी. टीम :- निरीक्षक ओपी आर्य, उपनिरीक्षक राजेन्द्र सिंह चौहान, आरक्षक गजेन्द्र एवं आरक्षक जशवंत ।

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