गुना के पुत्र सब‑इंस्पेक्टर अक्षय कुशवाहा की संदिग्ध मृत्यु, खरगौन के होटल में सुसाइड की सूचना—पारिवारिक आशंका पर तेजी से जांच की मांग

Oct 18, 2025 - 21:26
Oct 18, 2025 - 21:26
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गुना के पुत्र सब‑इंस्पेक्टर अक्षय कुशवाहा की संदिग्ध मृत्यु, खरगौन के होटल में सुसाइड की सूचना—पारिवारिक आशंका पर तेजी से जांच की मांग

गुना/अशोकनगर/खरगौन (आरएनआई)। गुना जिले के रहने वाले और अशोकनगर में सब‑इंस्पेक्टर के पद पर पोस्टेड अक्षय कुशवाहा के बारे में शनिवार/अप्राप्त (समाचार स्रोत के अनुसार) खरगौन के एक होटल से सुसाइड की सूचना मिली है। यह खबर इलाके में चौंकाने वाली थी और परिवार तथा पुलिस दोनों में शोक व आशंकाओं का माहौल बन गया है।

परिवार व कुछ परिचितों का कहना है कि उन्हें शक है कि कोई बाहरी दखल या उकसावे की वजह से यह घटना हुई हो सकती है। परिवार ने कहा — “यदि किसी ने उन्हें जान देने के लिए उकसाया है तो सख्त से सख्त दण्ड मिले।” परिवार की यह मांग है कि मामले की निष्पक्ष, त्वरित और पारदर्शी जांच की जाए।

प्राथमिक जानकारी और घटनाक्रम

  • सूचना के अनुसार अक्षय कुशवाहा किसी आरोपी को पकड़ने के सिलसिले में खरगौन गए हुए थे।

  • होटल से मिली जानकारी के बाद स्थानीय पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और प्रारम्भिक कार्रवाई की।

  • घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए परिवार व स्थानीय जीवनसाथियों में भारी शोक है; लोगों ने घटना को ‘बेहद चौकाने वाली’ बताया।

परिवार की प्रतिक्रिया और आशंकाएँ

परिजन और कुछ परिचित इस हादसे को सिर्फ आत्महत्यात्मक नहीं मान रहे और आशंका जता रहे हैं कि कहीं बदमाशों ने इस तरह की घटनात्मक स्थितियाँ रची तो नहीं। उन्होंने मांग की है कि सभी डिजिटल-साक्ष्य, होटल के सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल कॉल लॉग व फोरेंसिक परीक्षण तेज़ी से कराए जाएं ताकि किसी भी अशुद्धि या साजिश का खुलासा हो सके।

पुलिस कार्रवाई और आगे की प्रक्रिया

पुलिस ने मामले की छानबीन शुरू कर दी है और कहा जा रहा है कि पोस्टमार्टम व ठोस साक्ष्यों के आधार पर ही आगे की बात कही जाएगी। (अधिकारिक बयान उपलब्ध नहीं होने पर विवरण सीमित हैं।)

अधिकारियों से मिलने वाली आधिकारिक प्रतिक्रिया, घटनास्थल के फोरेंसिक निष्कर्ष और पोस्टमार्टम रिपोर्ट ही इस मामले की वास्तविक तस्वीर सामने लाएंगे।

समाज व आदेश — संवेदनशीलता व त्वरित जांच की अपील

इस संकट की घड़ी में परिजनों के प्रति सहानुभूति व्यक्त की जा रही है। साथ ही पत्रकारों, नागरिक संगठनों व वरिष्ठ अधिकारियों से अपील है कि मामले को राजनीतिकरण न करें और जांच को निर्बाध रूप से आगे बढ़ने दिया जाए। यदि किसी ने जान देने के लिए उकसाया है तो कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई हो — यही परिवार व समाज दोनों की मांग है।

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