‘गरीबों को न्याय दिलाने के लिए आधी रात तक बैठने को तैयार’, कोर्ट में बोले CJI सूर्यकांत
नई दिल्ली (आरएनआई) सुप्रीम कोर्ट ने आंध्र प्रदेश के पूर्व विधायक पिन्नेली राम कृष्णा रेड्डी और उनके भाई की अग्रिम जमानत याचिका को खारिज करते हुए दोहरे हत्याकांड से जुड़े इस मामले को अत्यंत गंभीर बताया। इसी दौरान सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के बीच मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत का न्यायपालिका की प्राथमिकताओं पर दिया गया स्पष्ट संदेश चर्चा में रहा। उन्होंने कहा कि गरीब और कमजोर वर्ग के लोगों को समय पर न्याय दिलाना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसके लिए वे आधी रात तक भी अदालत में बैठने को तैयार हैं।
मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने कहा कि अदालतों का मुख्य उद्देश्य जरूरतमंद लोगों को न्याय दिलाना है, न कि ‘लक्जरी लिटिगेशन’ के लिए समय देना। उन्होंने बताया कि उनका ध्यान समाज की आखिरी पंक्ति में खड़े नागरिकों पर रहेगा। हिसार की एक साधारण मध्यमवर्गीय पृष्ठभूमि से आने वाले सूर्यकांत 24 नवंबर को देश के 53वें मुख्य न्यायाधीश बने हैं और फरवरी 2027 तक इस पद पर रहेंगे।
इसी बीच अदालत ने तिलक सिंह डांगी की केंद्र सरकार के खिलाफ दायर याचिका को खारिज करते हुए दोहराया कि अदालत का समय उन मामलों को दिया जाएगा जो आम नागरिकों के अधिकारों और न्याय से जुड़े हों।
सुनवाई के दौरान दोहरे हत्याकांड के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने पिन्नेली राम कृष्णा रेड्डी और उनके भाई की अग्रिम जमानत याचिका पर तीखी टिप्पणी की। अदालत ने पूछा कि चार्जशीट दाखिल होने से पहले ही जांच से जुड़े दस्तावेज और केस डायरी जैसी गोपनीय जानकारियां आरोपियों तक कैसे पहुंचीं। पीठ ने इसे ‘जांच में हस्तक्षेप’ करार दिया और कहा कि इस तरह की पहुंच “चौंकाने वाली और संदेह पैदा करने वाली” है।
मामले की सुनवाई कर रही जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की पीठ ने निर्देश दिया कि दोनों आरोपी दो सप्ताह के भीतर सरेंडर करें। अदालत ने माना कि इस चरण पर अग्रिम जमानत मिलने से जांच पर सीधा प्रभाव पड़ेगा।
आंध्र प्रदेश सरकार की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता सिद्धार्थ लूथरा ने भी इसी आशंका को दोहराते हुए अदालत को बताया कि यह मामला बेहद संवेदनशील है और आरोपियों की राजनीतिक पहुंच के कारण जांच प्रभावित होने की आशंका बनी हुई है।
इससे पहले आंध्र प्रदेश हाई कोर्ट भी जमानत याचिका खारिज कर चुका था। हाई कोर्ट ने माना था कि दोनों आरोपी मई में हुई जे. वेंकटेश्वरलु और जे. कोटेश्वर राव की हत्या के मुख्य षड्यंत्रकारी हैं।
पीड़ित परिवार ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि अब उम्मीद है कि जांच बिना किसी दबाव के पूरी हो सकेगी। सीजेआई सूर्यकांत की टिप्पणी और सुप्रीम कोर्ट का कठोर रुख इस मामले की गंभीरता और न्यायपालिका की स्पष्ट प्राथमिकताओं को सामने रखता है।
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