'काम और जीवन का संतुलन जरूरी', बॉम्बे हाईकोर्ट में जजों की कमी पर बोले जस्टिस दत्ता

न्यायमूर्ति दत्ता ने कहा कि वर्तमान समय में 10,000 यूनिट बिजली की अनुमति पर्याप्त नहीं है, क्योंकि करीब 40 साल पहले इसे तय किया गया था, तब एयर कंडीशनर, माइक्रोवेव ओवन, वॉशिंग मशीन, डिश वॉशर आदि नहीं थे।

Jul 6, 2025 - 15:00
 0  81
'काम और जीवन का संतुलन जरूरी', बॉम्बे हाईकोर्ट में जजों की कमी पर बोले जस्टिस दत्ता

नई दिल्ली (आरएनआई) सुप्रीम कोर्ट के जज जस्टिस दीपांकर दत्ता ने बॉम्बे उच्च न्यायालय में जजों की कमी पर बात की और कहा जजों को सलाह दी कि वे जीवन और काम में संतुलन बनाकर चलें और अपनी सेहत के साथ कोई समझौता न करें। मुंबई में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान जस्टिस दत्ता ने ये बातें कही। इस कार्यक्रम में मुख्य न्यायाधीश जस्टिस बीआर गवई को सम्मानित किया गया। 

बॉम्बे उच्च न्यायालय में जजों की कमी पर जस्टिस दत्ता ने कहा कि 'साल 2013 में बॉम्बे हाईकोर्ट में जजों की संख्या 75 से 94 तक पहुंच गई थी। 2013 से 2020 के बीच सिर्फ एक बार बॉम्बे उच्च न्यायालय में जजों की संख्या ने 75 का आंकड़ा छुआ, लेकिन उसके बाद यह आंकड़ा कभी नहीं छुआ गया, 94 जजों की तो बात ही छोड़ दीजिए।' बॉम्बे उच्च न्यायालय के पूर्व मुख्य न्यायाधीश रहे जस्टिस दीपांकर दत्ता ने जीवन और काम में संतुलन बनाकर रखने की बात कही और काम के चक्कर में सेहत से समझौता न करने की सलाह दी।

जस्टिस दत्ता ने कहा 'अपना समय निजी और पेशेवर कामकाज के बीच बांटें। अपने परिवार को समय दें, क्योंकि अगर आपको कुछ हो जाता है, तो लोग आपसे एक महीने तक सहानुभूति रखेंगे, लेकिन एक महीने के बाद कोई भी आपकी सेवा को याद नहीं रखेगा।' उन्होंने जजों को मिलने वाली बिजली यूनिट की सीमा के नियमों में संशोधन का भी आग्रह किया। न्यायमूर्ति दत्ता ने कहा कि वर्तमान समय में 10,000 यूनिट बिजली की अनुमति पर्याप्त नहीं है, क्योंकि करीब 40 साल पहले इसे तय किया गया था, तब एयर कंडीशनर, माइक्रोवेव ओवन, वॉशिंग मशीन, डिश वॉशर आदि नहीं थे।

उन्होंने सीजेआई गवई से सीमा बढ़ाने के लिए संशोधन लाने का अनुरोध किया। इसी तरह, उन्होंने प्रस्ताव दिया कि ईंधन के लिए भत्ते को 200 लीटर प्रति माह के बजाय 2,400 लीटर प्रति वर्ष किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि इन दोनों प्रस्तावों को अतीत में खारिज कर दिया गया था, और उन्होंने सीजेआई से इन पर पुनर्विचार करने की अपील की।

Follow RNI News Channel on WhatsApp: https://whatsapp.com/channel/0029VaBPp7rK5cD6X

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Angry Angry 0
Sad Sad 0
Wow Wow 0
RNI News Reportage News International (RNI) is India's growing news website which is an digital platform to news, ideas and content based article. Destination where you can catch latest happenings from all over the globe Enhancing the strength of journalism independent and unbiased.