उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन के निदेशक पर गंभीर आरोप: MCA रिकॉर्ड में 'सक्रिय' जबकि अधिकारी को दे चुके हैं इस्तीफ़ा
कानपुर/गोरखपुर (आरएनआई) उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (UPCA), जो एक सेक्शन 8 कंपनी है, पर कंपनी अधिनियम, 2013 के प्रावधानों का उल्लंघन करने और निदेशक विवरण में मिथ्या प्रस्तुति (misrepresentation) करने का गंभीर आरोप लगा है। गोरखपुर निवासी उपेंद्र यादव ने कॉर्पोरेट कार्य मंत्रालय (MCA) और उत्तर प्रदेश सरकार के खेल विभाग सहित कई अधिकारियों को दिनांक 24 अक्टूबर 2025 को एक लिखित शिकायत भेजी है, जिसमें UPCA के एक निदेशक के पद को लेकर विसंगति सामने आई है।
शिकायत के अनुसार, UPCA के एक निदेशक, श्री युधवीर सिंह, जो वर्तमान में मेरठ कॉलेज, मेरठ में कार्यरत हैं, उन्होंने 08 अक्टूबर 2025 को क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी, उत्तर प्रदेश शासन, मेरठ को दिए गए अपने लिखित उत्तर में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया है कि वह UPCA के निदेशक पद से त्याग पत्र दे चुके हैं। इस बात की पुष्टि क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी, मेरठ के कार्यालय से शिक्षा निदेशक (उच्च शिक्षा) को भेजे गए पत्र दिनांक 8/10/25 में भी की गई है।
क्या है विवाद?
इस्तीफे का दावा: श्री युधवीर सिंह ने 08.10.2025 को मेरठ कॉलेज के अवैतनिक सचिव के माध्यम से क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी को सूचित किया कि वह UPCA के निदेशक के पद से त्याग पत्र दे चुके हैं।
MCA रिकॉर्ड में 'सक्रिय': हालांकि, जब MCA पोर्टल पर उपलब्ध आधिकारिक रिकॉर्ड की जाँच की गई, तो पाया गया कि श्री युधवीर सिंह अभी भी UPCA के "सक्रिय निदेशक (Active Director)" के रूप में दर्ज हैं।
शिकायतकर्ता उपेंद्र यादव ने तर्क दिया है कि यह स्थिति गैर-अनुपालन, तथ्यों को छिपाने और मिथ्या प्रस्तुति का स्पष्ट मामला है, क्योंकि UPCA के मौजूदा पदाधिकारियों और निदेशकों ने जानबूझकर वैधानिक रिकॉर्ड को अद्यतन करने में विफलता दिखाई है। उनके अनुसार, युधवीर सिंह का स्व-स्पष्टीकरणात्मक बयान ही UPCA और उसके निदेशकों की "भ्रामक और कपटपूर्ण गतिविधियों" को उजागर करने के लिए पर्याप्त है, जो कॉर्पोरेट गवर्नेंस मानदंडों की अवहेलना कर रहे हैं।
की गई मांग
उपेंद्र यादव ने कॉर्पोरेट कार्य मंत्रालय (MCA) से इस गंभीर उल्लंघन का तत्काल संज्ञान लेने और निम्नलिखित कार्रवाई करने का अनुरोध किया है:
UPCA के दोषी निदेशकों के विरुद्ध तत्काल कानूनी कार्यवाही शुरू की जाए।
कंपनी अधिनियम, 2013 के प्रावधानों के तहत जुर्माना और प्रतिबंध लगाए जाएं।
UPCA को MCA पोर्टल पर अपने रिकॉर्ड को बिना किसी देरी के तुरंत अद्यतन करने और आवश्यक अनुपालन दस्तावेज़ दाखिल करने का निर्देश दिया जाए।
पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए की गई कार्रवाई की रिपोर्ट प्रदान की जाए।
इस शिकायत से उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन के कॉर्पोरेट गवर्नेंस पर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं।
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