SIR के खिलाफ कांग्रेस का हल्ला बोल, रामलीला मैदान में विशाल रैली; ‘वोट चोरी’ के आरोपों पर सियासी संग्राम
नई दिल्ली (आरएनआई) राजधानी दिल्ली के रामलीला मैदान में शनिवार को कांग्रेस पार्टी ने एसआईआर (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) और कथित ‘वोट चोरी’ के मुद्दे को लेकर विशाल रैली का आयोजन किया। रैली में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता जुटे, जिनमें महिलाओं की भागीदारी भी उल्लेखनीय रही। मंच पर कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे, जबकि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी समेत अन्य शीर्ष नेताओं के संबोधन की तैयारी की गई।
रामलीला मैदान में सुबह से ही कार्यकर्ताओं का जुटान शुरू हो गया था। रैली को देखते हुए इलाके में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि यह प्रदर्शन लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए है तथा पार्टी चुनावी प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं और वोटरों के अधिकारों से जुड़े मुद्दों को लेकर जनता को जागरूक कर रही है।
ओडिशा कांग्रेस के प्रभारी अजय कुमार लल्लू ने रैली के दौरान भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि देश में लोकतंत्र को बंधक बना लिया गया है और मौजूदा सरकार ‘वोट चोरी’ की सरकार बन चुकी है। लल्लू ने दावा किया कि राहुल गांधी ने विभिन्न राज्यों में प्रेस वार्ताओं के जरिए एक-एक वोटर और बूथ से जुड़ी जानकारी सार्वजनिक की है, जिससे चुनावी प्रक्रिया में गड़बड़ियों को उजागर किया गया। उनके अनुसार, भाजपा लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर कर देश को एकाधिकारवाद की ओर ले जाना चाहती है।
वहीं, कांग्रेस की इस रैली पर भाजपा ने पलटवार किया है। भाजपा नेता सैयद शाहनवाज हुसैन ने कहा कि कांग्रेस की यह रैली पूरी तरह विफल साबित होगी। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस अपनी हार का ठीकरा ईवीएम, एसआईआर और चुनाव आयोग पर फोड़ना चाहती है। शाहनवाज हुसैन ने कहा कि कांग्रेस के भीतर ही नेतृत्व पर सवाल उठ रहे हैं और इन्हीं सवालों से ध्यान हटाने के लिए इस तरह की रैलियां की जा रही हैं। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि दिल्ली की जनता ने कांग्रेस को शून्य पर आउट किया था और बिहार में पार्टी को महज छह सीटें मिली थीं।
इस रैली पर आम आदमी पार्टी की ओर से भी प्रतिक्रिया सामने आई है। दिल्ली आप अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने कांग्रेस को जनजागृति के प्रयासों के लिए शुभकामनाएं देते हुए सवाल उठाया कि जब एक साल पहले दिल्ली में वोट चोरी के आरोप सामने आए थे और आम आदमी पार्टी के नेता सबूत पेश कर रहे थे, तब कांग्रेस चुप क्यों थी। उन्होंने यह भी पूछा कि क्या राहुल गांधी दिल्ली में कथित वोट चोरी के मुद्दे पर खुलकर बात करेंगे या इससे बचेंगे। भारद्वाज के अनुसार, अगर कांग्रेस इस सवाल से बचती है तो उसका पूरा नैरेटिव देश के बजाय केवल अपनी पार्टी तक सीमित रह जाएगा।
रामलीला मैदान में हुई इस रैली के जरिए कांग्रेस ने एक बार फिर चुनावी प्रक्रिया और लोकतंत्र के मुद्दे को केंद्र में लाने की कोशिश की है, जबकि सत्तारूढ़ भाजपा और अन्य विपक्षी दलों ने इसे राजनीतिक मजबूरी करार दिया है।
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