MP सरकार के नए VIP विमान के पायलट चयन पर विवाद, अनुभव और भर्ती प्रक्रिया पर उठे सवाल
मध्य प्रदेश सरकार के लिए खरीदे जा रहे नए बॉम्बार्डियर चैलेंजर-3500 विमान के पायलट की भर्ती को लेकर विवाद गहरा गया है।
मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया है कि चयनित पायलट के पास इस विमान को उड़ाने का पूर्व अनुभव नहीं है, जबकि उसे मुख्यमंत्री के वीआईपी विमान के लिए चुना गया है। साथ ही, भर्ती प्रक्रिया और प्रशिक्षण पर होने वाले खर्च को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, सरकार द्वारा आउटसोर्स एजेंसी के माध्यम से चयनित पायलट को पहले विदेश में बॉम्बार्डियर चैलेंजर-3500 विमान की विशेष ट्रेनिंग दी जाएगी। इसके बाद भी वीआईपी उड़ानों के लिए आवश्यक उड़ान अनुभव हासिल करना होगा। इस पूरी प्रक्रिया पर सरकार के करोड़ों रुपये खर्च होने का अनुमान जताया गया है।
रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि डीजीसीए (नागर विमानन महानिदेशालय) के वीआईपी उड़ानों से जुड़े पात्रता मानकों और चयनित पायलट की योग्यता को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, इन दावों पर सरकार की ओर से अभी तक कोई विस्तृत आधिकारिक स्पष्टीकरण जारी नहीं किया गया है।
विमानन विभाग के अपर मुख्य सचिव संजय शुक्ला ने मीडिया से बातचीत में कहा कि मामला उनके संज्ञान में आया है और इसकी जानकारी लेकर आवश्यक परीक्षण कराया जाएगा। फिलहाल भर्ती प्रक्रिया और उससे जुड़े पहलुओं पर चर्चा जारी है।
गौरतलब है कि मध्य प्रदेश सरकार जल्द ही लगभग 235 करोड़ रुपये की लागत वाला नया बॉम्बार्डियर चैलेंजर-3500 बिजनेस जेट अपने विमान बेड़े में शामिल करने की तैयारी कर रही है। इसी विमान के संचालन के लिए पायलट और अन्य तकनीकी कर्मचारियों की नियुक्ति की प्रक्रिया चल रही है।
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