राहुल गांधी ने सोनम वांगचुक को अस्पताल ले जाने की कार्रवाई पर सरकार को घेरा, दिल्ली पुलिस ने हाईकोर्ट के आदेश का दिया हवाला
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर से अस्पताल ले जाने की दिल्ली पुलिस की कार्रवाई को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार के मूल सिद्धांत "असत्य और हिंसा" हैं और शांतिपूर्ण विरोध कर रहे व्यक्ति के साथ इस तरह की कार्रवाई लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप नहीं है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर राहुल गांधी ने लिखा कि सोनम वांगचुक को उस समय प्रदर्शन स्थल से हटाया गया, जब वह अहिंसक भूख हड़ताल पर बैठे थे। उन्होंने कहा कि पेपर लीक, शिक्षा की बढ़ती लागत और छात्रों की आत्महत्या जैसे मुद्दे देश के भविष्य से जुड़े गंभीर विषय हैं। उनके अनुसार, इन मुद्दों को उठाने वालों की आवाज बल प्रयोग से नहीं दबाई जा सकती।
कांग्रेस ने भी दिल्ली पुलिस की कार्रवाई की आलोचना करते हुए इसे लोकतंत्र और संविधान के लिए चिंताजनक बताया। पार्टी का कहना है कि शांतिपूर्ण विरोध के अधिकार का सम्मान किया जाना चाहिए।
वहीं, दिल्ली पुलिस ने स्पष्ट किया कि सोनम वांगचुक को उनकी बिगड़ती स्वास्थ्य स्थिति, विशेषज्ञ डॉक्टरों की सलाह और दिल्ली हाईकोर्ट के निर्देशों के अनुपालन में सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया। नई दिल्ली के डीसीपी सचिन शर्मा ने बताया कि कार्रवाई के दौरान कुछ प्रदर्शनकारियों ने पुलिस को रोकने का प्रयास किया, लेकिन पूरी प्रक्रिया संयम और सुरक्षा के साथ पूरी की गई।
इस बीच, कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने आरोप लगाया कि पुलिस ने उनके साथ मारपीट की और उन्हें हिरासत में लिया। उन्होंने सोशल मीडिया पर पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और पुलिस ने इस संबंध में अलग से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया जारी नहीं की है।
फिलहाल सोनम वांगचुक सफदरजंग अस्पताल में चिकित्सकीय निगरानी में हैं। मामले को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं तेज हो गई हैं, जबकि पुलिस का कहना है कि उसकी कार्रवाई पूरी तरह न्यायालय के निर्देशों और चिकित्सकीय सलाह के अनुरूप की गई।
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