MP के 1,895 सरकारी स्कूलों में एक भी शिक्षक नहीं! हाईकोर्ट ने सरकार को जारी किया नोटिस

Saturday, July 18, 2026 - 16:50
Updated: 3 months ago
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MP के 1,895 सरकारी स्कूलों में एक भी शिक्षक नहीं! हाईकोर्ट ने सरकार को जारी किया नोटिस

मध्य प्रदेश के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की भारी कमी को लेकर हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की गई है। इंदौर निवासी सौरभ त्रिपाठी ने वर्ष 2025 की नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की रिपोर्ट का हवाला देते हुए दावा किया है कि प्रदेश के 1,895 सरकारी स्कूलों में एक भी शिक्षक पदस्थ नहीं है। याचिका में कहा गया है कि इस स्थिति के कारण लाखों बच्चों का शिक्षा का मौलिक अधिकार प्रभावित हो रहा है। मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने मंगलवार को राज्य सरकार और स्कूल शिक्षा विभाग को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।

याचिकाकर्ता सौरभ त्रिपाठी ने अपनी याचिका में कहा है कि प्रदेश की सरकारी शिक्षा व्यवस्था गंभीर अव्यवस्थाओं का सामना कर रही है। वर्ष 2025 की CAG रिपोर्ट के अनुसार, 7 हजार करोड़ रुपये से अधिक का बजट होने के बावजूद हजारों सरकारी स्कूलों में शिक्षक उपलब्ध नहीं हैं। याचिका में इसे बच्चों के शिक्षा के संवैधानिक अधिकार का उल्लंघन बताया गया है।

मामले की सुनवाई एक्टिंग चीफ जस्टिस विवेक रूसिया और जस्टिस प्रदीप मित्तल की खंडपीठ (डिवीजन बेंच) ने की। अदालत ने प्रथम दृष्टया मामले को गंभीर मानते हुए राज्य सरकार और संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी कर विस्तृत जवाब तलब किया है। हाईकोर्ट ने सरकार से शिक्षक नियुक्तियों की स्थिति, शिक्षा बजट के उपयोग तथा CAG रिपोर्ट में उठाए गए बिंदुओं पर विस्तृत जानकारी प्रस्तुत करने को कहा है।

याचिका में यह भी उल्लेख किया गया है कि शिक्षा व्यवस्था की मौजूदा स्थिति का असर विद्यार्थियों के परीक्षा परिणामों पर भी दिखाई दे रहा है। सत्र 2018-19 में हाईस्कूल का पास प्रतिशत 67.74 प्रतिशत था, जो सत्र 2021-22 में घटकर 38.53 प्रतिशत रह गया।

प्राथमिक सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने राज्य सरकार और स्कूल शिक्षा विभाग को नोटिस जारी कर जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। अब सरकार को अदालत के समक्ष यह स्पष्ट करना होगा कि शिक्षक नियुक्तियों, शिक्षा बजट के उपयोग और सरकारी स्कूलों में शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए अब तक क्या कदम उठाए गए हैं।

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