60-65 बार गूगल सर्च कर जुटाई बीमारी की जानकारी, खुद ही ढूंढ रहा था लक्षण और इलाज
कानपुर (आरएनआई) — कफन में अपने लाल आरव का शव देख मां दिव्या और बहन मान्या चीख पड़ीं। बिलखती मां बार-बार कहती रहीं — “अरे हम क्यों चले गए थे तुमको अकेले छोड़कर... इतना बड़ा कदम क्यों उठा लिया... लौट आओ बेटा, हम किसके सहारे जिएंगे।”
कानपुर में इकलौते बेटे आरव मिश्रा (16) की मौत से पूरा परिवार सदमे में है। पोस्टमार्टम के बाद शव घर पहुंचते ही कोहराम मच गया।
बीमारी को लेकर 60-65 बार किया गूगल सर्च
कोहना थाना प्रभारी विनय तिवारी ने बताया कि जांच में खुलासा हुआ है कि आरव पिछले एक साल से सीजोफ्रेनिया (Schizophrenia) नामक मानसिक बीमारी से परेशान था। उसने अपनी बीमारी के बारे में परिवार को कुछ नहीं बताया था।
पुलिस को उसके मोबाइल फोन की हिस्ट्री से पता चला कि उसने 60 से 65 बार गूगल पर इस बीमारी से जुड़े लक्षण और इलाज सर्च किए थे। अधिकारी ने बताया कि मामले की जांच और गहराई से की जा रही है।
परिजनों पर टूटा दुखों का पहाड़
घर पहुंचते ही मां दिव्या मिश्रा और बहन मान्या का रो-रोकर बुरा हाल रहा। दादी नीलम मिश्रा को मोहल्ले की महिलाओं ने संभाला। 15 मिनट तक घर में शव रखा गया, फिर परिवारजन उसे भैरों घाट लेकर गए।
घटना की खबर मिलते ही रिश्तेदार, पड़ोसी और इलाके के लोग घर पहुंच गए। पिता आलोक मिश्रा, जो पेशे से दवा कारोबारी हैं, सदमे में बदहवास रहे। वे बार-बार बेटे का नाम बुदबुदाते रहे।
कल्याणपुर विधायक नीलिमा कटियार भी घर पहुंचीं और परिजनों को ढांढस बंधाया।
97% अंक पाने वाला होनहार छात्र
आरव ‘द जैन इंटरनेशनल स्कूल’ में कक्षा 11 का छात्र था और स्टेट-लेवल स्विमिंग खिलाड़ी भी रहा। हाईस्कूल में उसने 97 प्रतिशत अंक हासिल किए थे। उसकी बहन मान्या ने भी स्कूल में टॉप किया था। स्कूल में घटना की खबर मिलते ही छात्र-छात्राएं और शिक्षक स्तब्ध रह गए।
सुसाइड नोट में लिखा – “चेहरे कहते हैं जान दे दो या...”
पुलिस को उसके मोबाइल के नोटपैड में अंग्रेजी में लिखा सुसाइड नोट मिला है। उसमें लिखा है — “चार चेहरे कहते हैं कि खुद जान दे दो या मां-बाप और बहन को मार दो।” परिजनों के अनुसार, दीपावली पर आरव ने यह बात अपनी बहन मान्या को बताई थी, लेकिन घर में छठ पूजा की तैयारी होने के कारण उसने इसे गंभीरता से नहीं लिया।
जब हुआ हादसा
दीपावली के बाद माता-पिता छठ पूजा के लिए भागलपुर चले गए थे। सोमवार शाम मान्या कोचिंग गई थी, और घर में आरव व दादी नीलम ही थे। शाम करीब साढ़े चार बजे दादी ने आरव को आवाज दी, जवाब नहीं मिला। जब कई बार आवाज देने पर भी कोई प्रतिक्रिया नहीं हुई, तो पड़ोसी परमिंदर चंद्रा को बुलाया गया। दरवाजा तोड़ा गया तो आरव पंखे से फांसी के फंदे पर लटका मिला।
पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा और मोबाइल जब्त कर लिया। परिजनों ने किसी पर कोई आरोप नहीं लगाया है।
Follow RNI News Channel on WhatsApp: https://whatsapp.com/channel/0029VaBPp7rK5cD6X
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Angry
0
Sad
0
Wow
0



