हरदोई में मनाया गया विश्व एड्स दिवस
हरदोई (आरएनआई) जनपद में आज विश्व एड्स दिवस मनाया गया जिसके तहत विभिन्न कार्यक्रम आयोजित हुए इस सम्बन्ध में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. भवनाथ पाण्डेय ने बताया कि मुख्य कार्यक्रम कलेक्ट्रेट में आयोजित हुआ जहाँ मुख्य विकास अधिकारी सान्या छाबड़ा ने हरी झंडी दिखाकर जागरूकता रैली को रवाना किया। रैली में आरआर इंटर कॉलेज व सीएस नेहरू डिग्री कालेज के एनसीसी कैडटो ने प्रतिभाग किया। यह दिवस बाधाएं दरकिनार, एच.आई.वी पर सशक्त प्रहार” थीम के साथ मनाया गया।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि एड्स यानी एक्वायर्ड इम्यूनो डेफिशियेँसी सिंड्रोम (एड्स) ऐसी बीमारी है जो व्यक्ति की प्रतिरोधक क्षमता को कमजोर करती है जिसके कारण वह अन्य किसी भी बीमारी की गिरफ्त में आसानी से आ जाता है। एड्स जिस वायरस से होता है उसे ह्यूमन इम्यूनो डेफिशियेँसी वायरस (एचआईवी)कहते हैं। यह वायरस व्यक्ति की प्रतिरोधक क्षमता को कमजोर कर देता है जिसके कारण व्यक्ति की रोगों से लड़ने की क्षमता कमजोर हो जाती है और उसे टीबी या अन्य कोई भी बीमारी आसानी से हो सकती है। यह एक संक्रामक यौन रोग है जो कि एचआईवी ग्रसित के साथ असुरक्षित यौन सम्बन्ध बनाने से, एचआईवी संक्रमित रक्त के चढ़ाए जाने से, संक्रमित सुईयों एवं सीरिंज के साझा प्रयोग से तथा संक्रमित माँ से उसके होने वाले बच्चे में हो सकता है। नियमित दवाओं के सेवन, सावधानियाँ बरतकर और पौष्टिक आहार स्वस्थ एवं लम्बा जीवन जी सकता है। जिला अस्पताल में स्थित इन्टीग्रेटड काउंसलिंग एंड टेस्टिंग सेंटर में एचआईवी की जांच निःशुल्क की जाती है द्य इसके साथ ही जिला अस्पताल स्थित लिंक एआरटी सेंटर लखनऊ के किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय(केजीएमयू) स्थित एआरटी सेंटर का उपकेन्द्र है। बुखार, खांसी, वजन कम होना, लिम्फ़ नोड में सूजन, त्वचा, मुंह, आँख, नाक या कान के पास धब्बे या चकत्ते पड़ना, शरीर में दर्द या याददाश्त कमजोर होना इस बीमारी के लक्षण हैं।
नोडल डॉ. नौमानउल्लाह ने बताया कि यदि कोई व्यक्ति एचआईवी जाँच में पॉजिटिव आता है तो उसे केजीएमयू स्थित नोडल एआरटी सेंटर पर भेज दिया जाता है। जहां पर मरीज में वायरल लोड की जांच की जाती है कि वायरस कितना प्रभावी है। इसके बाद मरीज का केजीएमयू द्वारा इलाज़ चलाया जाता है साथ ही मरीज के स्वास्थ्य के आधार पर कुछ मरीजो को हरदोई लिंक एआरटी सेंटर पर रिफर कर दिया जाता है। जहां से उसे दवाएं और काउंसलिंग दी जाने लगती है। यह सभी सुविधाएं निशुल्क मरीज को दी जाती हैं। मरीज की पहचान और उससे संबंधित जानकारी गोपनीय रखी जाती है। बीमारी से बचाव के लिये सुरक्षित यौन संबंध बनाएं, डिस्पोजेबल सिरिन्ज का ही इस्तेमाल करें, हमेशा सरकारी लाइसेंस शुदा ब्लड बैंक से ही एचआईवी मुक्त रक्त लें, इसके अलावा हर गर्भवती की एचआईवी जाँच व संस्थागत प्रसव सुनिश्चित करें। वर्तमान में जनपद में कुल 538 एचआईवी पॉजिटिव हैं जिसमें 369 पुरुष और 169 महिलाएं हैं। इस वित्तीय वर्ष में 5400 लोगों की एचआईवी की जांच कराई गई है जिसमें 3316 पुरुष और 2084 महिलायें हैं। कुल 52 लोग एचआईवी पॉजिटिव पाए गए हैं। एचआईवी पॉजिटिव पाए गए लोगों में से 32 पुरुष और 20 महिला हैं। इसी क्रम में स्वशासी मेडिकल कॉलेज मे जिला विधिक व स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त तत्वावधान में गोष्ठी आयोजित की गई जिसमें सचिव/अपर जिला जज भूपेंद्र प्रताप सिंह, सीएमएस जिला पुरुष चिकित्सालय डॉ. चन्द्र कुमार, डॉ. नौमानउल्लाह तथा विधिक सेवा व स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी उपस्थित रहे।
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