महिला सम्मेलन में पुरुषों को मंच से हटाया, औद्योगिक सौगातें और सड़क हादसे में संवेदनशीलता—सिंधिया का पिछोर दौरा सुर्खियों में

Oct 12, 2025 - 18:59
Oct 12, 2025 - 18:59
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महिला सम्मेलन में पुरुषों को मंच से हटाया, औद्योगिक सौगातें और सड़क हादसे में संवेदनशीलता—सिंधिया का पिछोर दौरा सुर्खियों में

पिछोर/शिवपुरी (आरएनआई) केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री तथा गुना सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया, ने आज पिछोर में आयोजित महिला सम्मेलन को संबोधित किया। यह सम्मेलन नारी शक्ति के सम्मान और उनके उत्थान को समर्पित रहा, जिसकी शुरुआत में ही मंत्री ने एक ऐतिहासिक कदम उठाया। उन्होंने मंच पर उपस्थित सभी पुरुष जनप्रतिनिधियों और सदस्यों से अनुरोध किया कि वे नीचे उतर जाएं ताकि मंच पर केवल महिलाएं ही रहें, जिससे नारी शक्ति का वास्तविक वर्चस्व स्थापित हो सके।

राजमाता को नमन कर लिया नारी शक्ति का उत्थान
सिंधिया ने अपनी दादी अम्मा राजमाता विजयाराजे सिंधिया की 106वीं जयंती पर उन्हें याद किया और कहा कि राजमाता ने नारी सशक्तिकरण का झंडा उठाकर देशव्यापी आंदोलन चलाया था। उन्होंने बताया कि राजमाता ने 1965 में महल की 60 एकड़ ज़मीन दान में देकर ग्वालियर में सिंधिया कन्या विद्यालय की शुरुआत की थी। उन्होंने कहा कि उनकी दादी अम्मा में सरस्वती का ज्ञान, माँ दुर्गा के न्याय की शक्ति और माँ लक्ष्मी का प्रेम था, क्योंकि नारी तो हमारी देवियों का ही रूप है। उन्होंने कहा कि आज 'नारी शक्ति' माँ भारती के लिए एक प्रबल पंक्ति के रूप में चल पड़ी है। उन्होंने हंसमुखी, रामदेवी और मुन्नीबाई जैसे स्थानीय उदाहरण दिए, इसके अलावा उन्होंने क्रांति देवी की भी बात की जिन्होंने 329 समूहों की कमान संभालकर ₹1000 के छोटे निवेश से लाखों की कमाई शुरू कर दी है। उन्होंने कहा कि आप सिर्फ़ ज़िले की नहीं, आप भारत की कहानी हैं, यह उसी सफ़र की कहानी है जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विकसित और आत्मनिर्भर भारत की ओर ले जा रहे हैं।

पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार पर साधा करारा निशाना
सिंधिया ने कांग्रेस की पूर्ववर्ती सरकार पर करारा निशाना साधते हुए कहा कि जहाँ कांग्रेस के समय में महिला को 'बोझ' समझा जाता था, वहीं आज मातृशक्ति देश का 'भविष्य' बन गई है। उन्होंने भाजपा सरकार की महिला केंद्रित योजनाओं का उल्लेख करते हुए बताया कि प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना से 12 करोड़ महिलाओं के घर में चूल्हा जल रहा है, और मुद्रा एवं जन-धन योजनाओं से मिले संबल से करोड़ों महिलाएं आजीविका के नए आयाम छू रही हैं। मध्य प्रदेश सरकार भी बेटी को भविष्य मानकर कन्यादान करती है और 21 साल में 'लाड़ली बहना' बन जाती है। उन्होंने 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' को लेकर खुशी जाहिर की और हास्यपूर्वक कहा कि जल्द ही हम सब सांसद पति और विधायक पति बनकर रह जाएंगे," और "कोई पार्षद पति अलाउड नहीं होगा।

पिछोर को दी औद्योगिक सौगातें
स्थानीय स्तर पर महिलाओं को सीधे रोज़गार देने की प्रतिबद्धता जताते हुए सिंधिया ने दो बड़ी औद्योगिक घोषणाएँ कीं। उन्होंने कहा कि बदरवास में जैकेट का प्लांट लगाया गया है, जिससे हजारों बहनों को सीधा रोज़गार मिलेगा। साथ ही, उन्होंने कहा कि क्षेत्र के लिए मूंगफली प्रोसेसिंग प्लांट भी लाया जाएगा। सिंधिया ने कहा कि ये दोनों परियोजनाएं न केवल पिछोर और आसपास के क्षेत्रों के औद्योगिक परिदृश्य को बदलेंगी, बल्कि यहाँ की लगभग 18,000 महिलाओं को आर्थिक सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता की नई दिशा प्रदान करेंगी। उन्होंने कहा कि जब महिलाएं सशक्त होती हैं, तो परिवार, समाज और राष्ट्र तीनों की प्रगति सुनिश्चित होती है। मेरा संकल्प है कि पिछोर की हर बहन अपने घर में आत्मविश्वास और सम्मान के साथ खड़ी हो सके।

कार्यक्रम के अंत में सिंधिया ने क्षेत्रवासियों को आश्वस्त किया कि विकास की यह यात्रा निरंतर जारी रहेगी। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के ‘विकसित भारत’ के संकल्प को साकार करने के लिए, हम हर जिले, हर गाँव और हर व्यक्ति तक प्रगति की किरण पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। पिछोर की धरती अब औद्योगिक और सामाजिक विकास का नया केंद्र बनेगी। 

दुर्घटनाग्रस्त को देखकर रुके, पीड़ित को अस्पताल के लिए रवाना करने के बाद ही आगे बढ़े सिंधिया
कार्यक्रम के उपरांत सिंधिया ने आज मानवीय संवेदनशीलता और कर्तव्यनिष्ठा का प्रेरक उदाहरण प्रस्तुत किया। पिछोर क्षेत्र से गुजरते समय जब सिंधिया का काफिला मार्ग पर अग्रसर था, तभी उन्होंने सड़क के दूसरी ओर एक व्यक्ति को दुर्घटना में घायल अवस्था में देखा। स्थिति को देखते ही उन्होंने बिना देर किए अपना काफिला रुकवाया और स्वयं वाहन से उतरकर घायल व्यक्ति के पास पहुंचे। सिंधिया ने तुरंत एम्बुलेंस बुलाने के निर्देश दिए और तब तक स्थल पर ही मौजूद रहे जब तक घायल व्यक्ति को प्राथमिक उपचार के लिए अस्पताल भेज नहीं दिया गया। उन्होंने यह सुनिश्चित किया कि पीड़ित को सुरक्षित रूप से अस्पताल रवाना किया गया है, इसके बाद ही वे अपने वाहन में लौटे और काफिला आगे बढ़ा। स्थानीय लोगों ने केन्द्रीय मंत्री की इस मानवीय पहल की सराहना करते हुए कहा कि यह कदम उनके संवेदनशील और जनसेवक व्यक्तित्व को दर्शाता है।

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