‘उत्तर प्रदेश’ नाम उपयोग पर विवाद गहरा: सरकार ने UPCA को समर्थन देने से किया इनकार
लखनऊ (आरएनआई) BCCI लोकपाल (Ombudsman) को एक तत्काल अनुरोध भेजा गया है जिसमें उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (UPCA) के साथ सभी संबंध तुरंत निलंबित करने की मांग की गई है, क्योंकि इसके कानूनी अस्तित्व को सक्षम प्राधिकारी के समक्ष चुनौती दी गई है ।
यूपी सरकार ने MCA को भेजा मामला: अनुरोध के अनुसार, उत्तर प्रदेश सरकार के खेल विभाग के सचिव ने 16 अक्टूबर 2025 को एक आदेश जारी किया है । इस आदेश में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि किसी कंपनी के पंजीकरण और नाम में संशोधन के संबंध में क्षेत्रीय निदेशक, कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय (MCA), भारत सरकार ही सक्षम अधिकारी हैं । उत्तर प्रदेश सरकार ने स्वयं UPCA की निरंतरता का समर्थन करने से इनकार कर दिया है और इस मामले को आवश्यक कार्रवाई के लिए MCA को भेज दिया है ।
UPCA के खिलाफ गंभीर आरोप: यह अनुरोध इस बात पर प्रकाश डालता है कि UPCA की कानूनी स्थिति अब आधिकारिक तौर पर जांच के दायरे में है । इसके अलावा, रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज (ROC), कानपुर ने पहले ही UPCA के पदाधिकारियों के खिलाफ मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) न्यायालय के समक्ष 13 आपराधिक मामले शुरू कर दिए हैं । अनुरोध में लोकपाल से तत्काल कार्रवाई करने की अपील की गई है, जिसमें UPCA की BCCI फंडिंग को फ्रीज करना और घरेलू क्रिकेट में UPCA को टीम उतारने से रोकना शामिल है, जब तक कि इसका कानूनी विवाद हल नहीं हो जाता ।
UP सरकार का कार्यालय आदेश: नाम उपयोग पर अधिकार क्षेत्र का स्पष्टीकरण
उत्तर प्रदेश सरकार के खेल विभाग ने 16 अक्टूबर 2025 को एक कार्यालय आदेश जारी किया था , जिसमें 'उत्तर प्रदेश' नाम के उपयोग के संबंध में इलाहबाद उच्च न्यायालय, लखनऊ खंडपीठ के 19 अगस्त 2025 के आदेश का पालन किया गया है।
यूपी सरकार ने नाम उपयोग की अनुमति नहीं दी है, बल्कि इसे MCA को भेजा है: कार्यालय आदेश के अनुसार, उत्तर प्रदेश सरकार ने यह निर्धारित किया है कि किसी कंपनी के पंजीकरण और उसके नाम में बदलाव के लिए एकमात्र सक्षम प्राधिकारी (Competent Authority) रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज (ROC) और क्षेत्रीय निदेशक, कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय (MCA), भारत सरकार हैं । राज्य के खेल विभाग के स्तर पर इस मामले में कोई कार्रवाई करने का कोई औचित्य नहीं है, जिसका अर्थ है कि UP सरकार ने UPCA को अपने नाम में 'उत्तर प्रदेश' का उपयोग करने की अनुमति नहीं दी है । इस मामले को अब आगे की कार्रवाई के लिए सक्षम अधिकारियों (MCA) को भेज दिया गया है, जो कंपनी अधिनियम की धारा 16 के तहत नाम में परिवर्तन का निर्देश दे सकते हैं ।
UPCA की दलीलें: कार्यालय आदेश में UPCA द्वारा दिए गए तर्कों को भी शामिल किया गया है, जिसमें कहा गया है कि: वे बीसीसीआई से संबद्ध एक पंजीकृत नॉट-फॉर-प्रॉफिट कंपनी हैं ।
कंपनी अधिनियम, 2013 के तहत, 'उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन' जैसे नाम में राज्य का नाम उपयोग करने पर कोई प्रतिबंध नहीं है, जब तक कि नाम केवल राज्य के नाम तक सीमित न हो (जैसे 'उत्तर प्रदेश लिमिटेड') ।
ROC ने भी पुष्टि की है कि कंपनी अधिनियम, 1956 और 2013 के तहत राज्य के नाम के साथ नाम आवंटित करने के लिए राज्य सरकार से अनापत्ति प्रमाण पत्र (NoC) लेने की कोई बाध्यता नहीं है ।
ROC ने भी दिया है कानूनी मत: रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज (ROC), कानपुर ने भी अपना कानूनी मत प्रस्तुत किया है, जिसमें यह दोहराया गया है कि कंपनी अधिनियम, 1956 और 2013 के तहत राज्य के नाम के साथ नाम आवंटित करने के लिए राज्य सरकार से NoC की आवश्यकता नहीं है ।
Follow RNI News Channel on WhatsApp: https://whatsapp.com/channel/0029VaBPp7rK5cD6X
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Angry
0
Sad
0
Wow
0



