“हमें आश्वासन की साग-पूड़ी नहीं, स्थायी समाधान चाहिए” — गुना में बाढ़ पीड़ितों की अतिक्रमण हटाने की मांग बुलंद

Aug 3, 2025 - 19:08
Aug 3, 2025 - 19:08
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“हमें आश्वासन की साग-पूड़ी नहीं, स्थायी समाधान चाहिए” — गुना में बाढ़ पीड़ितों की अतिक्रमण हटाने की मांग बुलंद

गुना (आरएनआई) शहर के वार्ड क्रमांक 2, 5 और 6 में नाले किनारे बसे कई मकान इस बार की बाढ़ में एक मंजिल तक डूबे। नदी नालों में अनेक लोग अवैध कब्जा जमाए बैठे हैं। इन अवैध कब्जों की वजह से आसपास के इलाकों में  भी बाढ़ का पानी घुसा और निर्दोष लोगों को दूसरों के पाप के कारण बेवजह त्रासदी भोगना पड़ी। अब वो नदी नालों से अतिक्रमण हटवाने की मांग बुलंद कर रहे हैं।

तहसील गुना नगर, कस्बा गुना में स्थित पटवारी हल्का गुना के सर्वे नंबर 371 में 0.0210 हेक्टेयर और सर्वे नम्बर 385 में 1.3690 हेक्टेयर भूमि राजस्व अभिलेख में शासकीय भूमि के रूप में दर्ज हैं। सर्वे नम्बर 384 में रास्ता है। इन्हीं से लगे हुए सर्वे नम्बर 333 में शासकीय नाला है। इनका अस्तित्व मिटाने के प्रयास लगातार जारी है। यहां कुछ हिस्सों में कब्जे हो चुके हैं और कुछ में कब्जा किए जाने की पूरी तैयारी है। कुछ हिस्सों में भू माफिया अनुसूचित जाति वर्ग के कुछ लोगों की आड़ में ये कारगुज़ारी करने में लगा है। तो एक भाईजान भी मौका नहीं छोड़ रहे। लोग बताते हैं कि बाहर पदस्थ एक दो अधिकारियों की इन्हें शह है।

ऐसा नहीं है कि आम नागरिकों ने यहां नाले, शासकीय भूमि और रास्ते पर किए जा रहे अतिक्रमण की शिकायत न की हो। ऐसा भी नहीं है कि अफसरों ने मौका मुआयना न किया हो। लेकिन ढाक के तीन पात वाली कहावत यहां चरितार्थ है। स्थानीय निवासियों ने खसरा, मौके के वीडियो और शिकायत उपलब्ध कराते हुए, बड़ी उम्मीद से मुझसे आग्रह किया कि आप इस मामले को पब्लिक डोमेन में रखिए।

न्यू सिटी कॉलोनी, तुलसी कॉलोनी, कोल्हूपुरा, पिपरौदा खुर्द के निवासीगण ने बताया कि बाढ़ में हमारे सम्पूर्ण क्षेत्र में मकान एक एक मंजिला डूब गए थे। भारी जन-धन की हानि हुई है। हमें नेताओं के आश्वासन की साग पूड़ी नहीं चाहिए। भविष्य में बाढ़ न आए इसका समाधान चाहिए। लोगों ने बताया कि नाले के बहाव क्षेत्र में भारी तादाद में अतिक्रमण किया गया है, अस्थाई अतिक्रमण तो बाढ़ में बह गया। लेकिन पक्के अतिक्रमण जस के तस हैं। इन अतिक्रमणों के कारण ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भी बाढ़ आ गई, क्योंकि पानी आसानी से नहीं निकल सका।

लोगों ने बताया कि उक्त नाले के बहाव क्षेत्र में अतिक्रमणकारियों द्वारा पिपरौदा तिराहा पर पुनः अतिक्रमण को पक्का बनवाने का कार्य प्रारम्भ कर दिया गया है। उक्त पक्का निर्माण हो जाता है तो बारिश के दौरान किसी भी वक्त पुनः वही भयावह बाढ़ की स्थिति निर्मित होना तय है। लोगों के जान-माल की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इस अतिक्रमण को तत्काल हटाया जाना जरूरी है। 

पीड़ितों की Collector Office Guna से मांग है कि टीम से सर्वे करवाकर अतिक्रमण हटवाने की कार्यवाही की जाए, जिससे भविष्य सुरक्षित हो सके।

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