सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला: मजिस्ट्रेट पुलिस को चार्जशीट दाखिल करने का आदेश नहीं दे सकता
सुप्रीम कोर्ट की जस्टिस संजय कुमार और जस्टिस के. विनोद चंद्रन की खंडपीठ ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए कहा है कि यदि पुलिस किसी मामले में क्लोजर रिपोर्ट (Final Report) दाखिल करती है, तो मजिस्ट्रेट पुलिस को उसकी राय के विपरीत चार्जशीट दाखिल करने का निर्देश नहीं दे सकता। अदालत ने स्पष्ट किया कि आरोपी के खिलाफ मुकदमा चलाने योग्य मामला बनता है या नहीं, इस संबंध में राय बनाना पूरी तरह जांच अधिकारी का अधिकार है।
हालांकि, कोर्ट ने यह भी दोहराया कि मजिस्ट्रेट क्लोजर रिपोर्ट से बंधा हुआ नहीं है। यदि वह रिपोर्ट से सहमत है तो उसे स्वीकार कर कार्यवाही समाप्त कर सकता है। यदि उसे आगे की जांच की आवश्यकता महसूस होती है तो वह धारा 156(3) CrPC के तहत आगे की जांच का आदेश दे सकता है। वहीं, यदि पुलिस रिपोर्ट में वर्णित तथ्यों से प्रथम दृष्टया अपराध बनता है, तो मजिस्ट्रेट पुलिस की राय से असहमत होते हुए भी स्वयं मामले का संज्ञान ले सकता है।
इसी फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि कमिटल ऑर्डर (Committal Order) केवल सेशन कोर्ट को मामले की सुनवाई का अधिकार देता है। यह तय नहीं करता कि ट्रायल संयुक्त होगा या अलग-अलग।
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