सिर पर सफेद गठरी और पारंपरिक साड़ी...सबरीमाला में पूजा करने वाली पहली महिला राष्ट्रपति बनीं द्रौपदी मुर्मू
तिरुवनंतपुरम (आरएनआई) – 22 अक्टूबर 2025 को भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने केरल के प्रसिद्ध सबरीमाला मंदिर में भगवान अयप्पा के दर्शन किए। यह ऐतिहासिक अवसर इसलिए विशेष है क्योंकि किसी महिला राष्ट्रपति ने अब तक इस मंदिर में प्रवेश कर पूजा नहीं की थी।
राष्ट्रपति मुर्मू ने पारंपरिक काली साड़ी पहनकर और सिर पर इरुमुडी (पारंपरिक पोटली) रखकर 18 पवित्र सीढ़ियां चढ़ीं। इरुमुडी में प्रसाद और यात्रा के आवश्यक सामान रखे जाते हैं। मंदिर की इस परंपरा का पालन करके उन्होंने पूजा की, जिससे यह यात्रा धार्मिक और सामाजिक दृष्टि से महत्वपूर्ण बन गई।
यात्रा की शुरुआत
राष्ट्रपति मुर्मू ने सुबह हेलीकॉप्टर से केरल के पंबा में आगमन किया। पंबा नदी में पैर धोकर उन्होंने आध्यात्मिक यात्रा की शुरुआत की। इसके बाद गणपति मंदिर में पूजा के बाद ‘केट्टुनिरा मंडपम’ में इरुमुडी तैयार कर पारंपरिक रीति से यात्रा शुरू की।
18 पवित्र सीढ़ियां चढ़ते हुए उन्होंने भगवान अयप्पा के दर्शन किए। उनके साथ उनके दामाद, सुरक्षा अधिकारी और एडीसी भी मौजूद थे। मंदिर पहुंचने पर देवस्वम बोर्ड के मंत्री और अन्य पदाधिकारियों ने उनका पारंपरिक स्वागत किया। तंत्री (मुख्य पुजारी) ने पूर्ण कुंभ के साथ पूजा करवाई।
मंदिर में पूजा और सुरक्षा प्रबंध
राष्ट्रपति ने गर्भगृह में पहुंचकर भगवान अयप्पा को नमन किया और अपनी पोटली मंदिर की सीढ़ियों पर रख दी, जिसे पुजारी ने पूजा के लिए ले लिया। इस दौरान मंदिर परिसर में विशेष सुरक्षा व्यवस्था थी और श्रद्धालुओं का प्रवेश कुछ समय के लिए रोका गया।
इतिहास में दर्ज हुआ नाम
इससे पहले केवल तत्कालीन राष्ट्रपति वी.वी. गिरि ने 1970 के दशक में मंदिर में दर्शन किए थे। वे डोली में बैठकर पहुंचे थे। राष्ट्रपति मुर्मू की यात्रा खास इसलिए भी रही क्योंकि उन्होंने पारंपरिक रीति-रिवाजों का पूरी तरह पालन किया और सिर पर इरुमुडी रखकर 4.5 किलोमीटर पैदल यात्रा की।
पूजा के बाद राष्ट्रपति ने आसपास के अन्य मंदिरों में भी दर्शन किए और फिर देवस्वम बोर्ड के गेस्टहाउस में विश्राम किया। यात्रा के दौरान सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Angry
0
Sad
0
Wow
0



