लेखपाल पर रिश्वतखोरी का आरोप, पैमाइश व कब्जा दिलाने के नाम पर युवती से दस हजार वसूले 

Jul 19, 2025 - 18:36
Jul 19, 2025 - 18:38
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लेखपाल पर रिश्वतखोरी का आरोप, पैमाइश व कब्जा दिलाने के नाम पर युवती से दस हजार वसूले 

कछौना हरदोई (आरएनआई) विकासखण्ड क्षेत्र की ग्राम पंचायत हथौड़ा की निवासी एक दलित युवती ने क्षेत्रीय लेखपाल पर पैमाइश व कब्जा दिलाने के नाम पर रिश्वतखोरी व प्रधान-पुत्र पर जान-माल की धमकी देने का आरोप लगाया है। पीड़िता ने बताया कि लेखपाल ने उसके खेत की पैमाइश करने व कब्जा दिलाने के नाम पर झांसा देकर अपने एक दलाल व जनसेवा केंद्र संचालक के खाते में दस हजार रूपए भी ऑनलाइन ट्रांसफर करवा लिए। पैसे देने के बाद भी जब लेखपाल ने ढंग से पैमाइश नहीं की व कब्जा नहीं दिलाया तब पीड़िता ने शासन-प्रशासन से इसकी शिकायत की है।

बताते चलें कि कछौना के हथौड़ा गांव की रहने वाली ज्योति अपने परिवार व कैंसर पीड़ित अपने पिता राजेश के इलाज के लिए दिल्ली में रहकर जॉब करती हैं। काफी समय से बाहर रहने के चलते गांव में ग्राम प्रधान हेमलता, प्रधान पुत्र दीपक यादव उर्फ दीपू की शह पर गांव के ही दबंग बालक, जितेन्द्र, लालजी, मुकेश, श्रीचंद, लाल्ता व चंद्रिका आदि ने धीरे-धीरे उसके पूरे खेत पर कब्जा कर लिया। ज्योति को जब इस संबंध में जानकारी हुई तो उसने गांव आकर जब कब्जेधारियों से विरोध जताया तो उक्त लोगों ने उसे गाली-गलौज करते हुए जान-माल की धमकी दी। तब पीड़िता ने इस मामले में मुख्यमंत्री, जिलाधिकारी व जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत देकर कार्रवाई की गुहार लगाई। विगत दिनों कछौना थाने पर समाधान दिवस में लेखपाल ज्ञानप्रकाश ने दबंगई दिखाते हुए पीड़िता को वहां अपनी शिकायत देने से भी रोक दिया। वहीं पीड़िता ने थाने आने-जाने के दौरान लेखपाल ज्ञानप्रकाश पर कार में अपने अन्य साथियों सहित गलत नियत से पीछा करने का आरोप लगाते हुए पुलिस अधीक्षक के पास शिकायत भी दर्ज कराई है।

पीड़िता ने बताया कि जनसुनवाई आदि पर शिकायत के बाद स्थानीय लेखपाल ज्ञानप्रकाश ने पहले तो 10 हजार रुपए प्रति बीघा की डिमांड की थी लेकिन फिर पीड़िता द्वारा इतना पैसा देने में असमर्थता जताने पर उसने कहा कि जितना पैसा देती रहोगी मैं उतना खेत नाप कर दिलवा दूंगा। पीड़िता के अनुसार 26 जून को पैमाइश करने के बाद लेखपाल ज्ञानप्रकाश ने पीड़िता को लगभग 2.5 बीघा भूमि पर कब्जा दिलाने के बाद पच्चीस हजार रूपए की मांग की तब उसने पूरे पैसे ना होने के चलते ज्ञानप्रकाश के कहने पर दस हजार रूपए गांव में स्थित ऋषि जनसेवा केंद्र के संचालक ऋषिकांत के खाते पर ऑनलाइन ट्रांसफर करवा दिए। पुलिस में की गई अपनी शिकायतों में पीड़िता ने जिस प्रधानपुत्र दीपक यादव उर्फ दीपू पर भी धमकाने व जान-माल का खतरा होने के आरोप लगाए, पुलिस ने अपनी जांच में उसे ही गवाह बनाकर अपनी जांच भी पूरी कर ली। वहीं लेखपाल ने भी अपनी आख्या में पीड़िता को उसकी पूरी जमीन पर कब्जा मिलने की बात लिखी लेकिन हकीकत अभी भी इसके बहुत विपरीत है और पीड़िता को अपने पूरे खेत पर कब्जा नहीं दिलाया गया है।

अपने पूरे खेत पर कब्जा ना मिल पाने और थाना, तहसील के चक्कर काट-काटकर पीड़िता काफी समय से हैरान व परेशान है। उसने बताया कि शिकायतों के बाद प्रधानपुत्र दीपू, लेखपाल ज्ञानप्रकाश व जनसेवा केंद्र संचालक ऋषिकांत द्वारा उसे बराबर जान-माल की धमकियां दी जा रही हैं जिससे कहीं आने-जाने में उसे जान-माल का खतरा भी बना हुआ है। भविष्य में यदि उसके साथ कोई घटना होती है तो उसके जिम्मेदार यही लोग ही होंगे। संबंधित लेखपाल ने बताया कि इस संबंध में विभाजन की प्रक्रिया अपनाई जाती है, पैसों के लेन-देन के आरोप निराधार हैं। वहीं जब इस पूरे मामले में उप-जिलाधिकारी संडीला अरूणिमा श्रीवास्तव से उनका पक्ष जानने के लिए संपर्क किया गया तो उनका फोन रिसीव नहीं हुआ।

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Laxmi Kant Pathak Senior Journalist | State Secretary, U.P. Working Journalists Union (Regd.)