मिजोरम की गुफा से मिले 700 साल पुराने कंकाल, इतिहास में नए रहस्य उजागर होने की उम्मीद
आइजोल (आरएनआई) मिजोरम के उत्तरी इलाके में मणिपुर सीमा के पास एक गुफा से 700 साल से भी अधिक पुराने मानव अवशेष मिले हैं, जिनमें खोपड़ियां और फीमर हड्डियां शामिल हैं। भारतीय कला एवं सांस्कृतिक धरोहर न्यास (आईएनटीएसीएच) की मिजोरम इकाई ने मंगलवार को बताया कि यह खोज मिजो लोगों के इतिहास को नए दृष्टिकोण से परिभाषित कर सकती है।
आईएनटीएसीएच, मिजोरम चैप्टर के संयोजक रिन सांगा ने कहा, यह अब तक राज्य में मिले सबसे प्राचीन कंकाल अवशेष हैं। आईएनटीएसीएच ने इन अवशेषों पर गहन अध्ययन कर मिजो इतिहास का पुनर्मूल्यांकन करने का निर्णय लिया है। इन अवशेषों में नौ मानव खोपड़ियां, कई फीमर हड्डियां शामिल हैं। इसके अलावा ‘दाओ’ (प्राचीन हथियार), चाकू और टूटे हुए बर्तनों के टुकड़े भी मिले हैं।
राज्य कला व संस्कृति विभाग के पुरातत्वविद वानलालहुमा सिंगसोन ने बताया कि अवशेष साइटुअल जिले के नॉर्थ खावलेक गांव के पास थिंगखुआंग जंगल की एक ऊंची गुफा में दबे मिले। कार्बन-14 जांच के अनुसार, अवशेष 1260 ईसवी से 1320 ईस्वी के बीच के हैं। यह खोज इस साल 11 जनवरी को स्थानीय शिकारी ने की थी, जिसने स्थानीय नेताओं व आईएनटीएसीएच को इसकी सूचना दी।
इसके बाद 2 मई को राज्य कला एवं संस्कृति विभाग के पुरातत्व विशेषज्ञों ने स्थल का निरीक्षण किया। सिंगसोन ने बताया कि गुफा समुद्र तल से लगभग 1,228 मीटर की ऊंचाई पर एक खाई में है। वहां पहुंचना बेहद कठिन है। अमेरिका की प्रयोगशाला में भेजे नमूनों की कार्बन डेटिंग रिपोर्ट अगस्त में मिले, जिसने इनकी प्राचीनता की पुष्टि की।
पूर्व आईएएस अधिकारी सांगा ने कहा कि यह खोज मिजोरम और मिजो समुदाय के इतिहास को दोबारा परिभाषित करने की आवश्यकता को उजागर करती है। अब तक माना जाता रहा है कि मिजो लोग लगभग 1700 ईसवी के आसपास मिजोरम आए थे, जबकि यह खोज उस धारणा से करीब 400 वर्ष पुरानी है। यह खोज पूर्वी मिजोरम के चम्फाई जिले के वंगछिया स्थल पर मिले 1485 ईसवी के कंकालों से भी लगभग 200 वर्ष पुरानी है। राज्य सरकार और विशेषज्ञों की मदद से इन अवशेषों का डीएनए परीक्षण कराया जाएगा, ताकि यह पता चल सके कि ये किस नस्ल या वंश के थे।
Follow RNI News Channel on WhatsApp: https://whatsapp.com/channel/0029VaBPp7rK5cD6X
What's Your Reaction?
Like
1
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Angry
0
Sad
0
Wow
0



